Kitex Garments के निवेशकों के लिए आज का दिन काफी हलचल भरा रहा। कंपनी ने सितंबर तिमाही में **₹13.70 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जिसके बाद शेयर में **17%** से ज्यादा की तेजी आई है। हालांकि, ऑडिटर्स ने कंपनी की अमेरिकी सब्सिडियरी में किए गए **₹27.76 करोड़** के निवेश की रिकवरी पर सवाल खड़े किए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
टेक्सटाइल कंपनी Kitex Garments के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी घाटे से उबरकर ₹13.70 करोड़ के नेट प्रॉफिट पर पहुंच गई है। गौर करने वाली बात है कि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹6.21 करोड़ का नुकसान हुआ था और जून तिमाही में यह नुकसान बढ़कर ₹17.12 करोड़ तक पहुंच गया था।
कमाई में बड़ा सुधार
मुनाफे की इस वापसी के पीछे कंपनी का बिजनेस एक्टिविटी में आया उछाल है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 66% बढ़कर ₹203.03 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA भी सकारात्मक रहा और यह ₹44.98 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹15.95 करोड़ के नेगेटिव दायरे में था। हालांकि, स्टॉक अभी भी अपने 52-वीक हाई ₹231.15 से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है।
ऑडिटर्स का रेड फ्लैग
मुनाफे के आंकड़ों के बीच एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है। ऑडिटर्स ने कंपनी के स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर सवाल उठाते हुए Kitex USA LLC में किए गए ₹27.76 करोड़ के निवेश पर क्वालिफिकेशन दी है। ऑडिटर्स का कहना है कि उन्हें इस राशि की रिकवरी के पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं, क्योंकि अमेरिकी सब्सिडियरी लगातार घाटे में है और उसकी नेट वर्थ घट रही है।
आगे क्या करें निवेशक?
कंपनी के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि अभी भी आधे फाइनेंशियल ईयर के आंकड़े नुकसान में ही हैं। अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि कंपनी मुनाफे को कैसे बरकरार रखती है और तेलंगाना में चल रहे विस्तार प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से पूरा करती है। इसके साथ ही, अमेरिकी सब्सिडियरी से जुड़े विवादों पर मैनेजमेंट का क्या रुख रहता है, यह शेयर की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
