क्या है कर्नाटक का नया AIB टैक्स सिस्टम?
कर्नाटक में शराब पर टैक्स लगाने का तरीका अब बदल जाएगा। अभी तक शराब की कीमतों के आधार पर टैक्स लगता था, लेकिन मार्च 2026 से यह सिस्टम बदलकर अल्कोहल-इन-बेवरेज (AIB) टैक्स पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि जिस शराब में अल्कोहल की मात्रा (ABV) जितनी ज्यादा होगी, उस पर उतना ही ज्यादा टैक्स लगेगा।
कौन होगा फायदे में, कौन होगा नुकसान में?
इस नई टैक्स व्यवस्था से प्रीमियम और 'Prestige & Above' (P&A) सेगमेंट की शराब की कीमतों में 10-20% तक की गिरावट आने की उम्मीद है। वहीं, आम आदमी के लिए उपलब्ध मास-मार्केट या वैल्यू ब्रांड वाली शराब 10-20% महंगी हो सकती है। यह बदलाव ऐसे समय में आ रहा है जब प्रीमियम सेगमेंट FY26 में करीब 30% बढ़ा है, जबकि रेगुलर सेगमेंट 5% घटा है। बीयर की बात करें तो, माइल्ड बीयर सस्ती हो सकती है (लगभग 10% की कटौती), जबकि स्ट्रॉन्ग बीयर 5-15% महंगी हो सकती है।
कंपनियों पर असर और ब्रोकरेज की राय
कर्नाटक, जो भारत के IMFL वॉल्यूम का करीब 15% हिस्सा रखता है, के इस फैसले से कई बड़ी शराब कंपनियों पर असर पड़ेगा।
- रेडिको खैतान (Radico Khaitan): कंपनी का बड़ा पोर्टफोलियो P&A ब्रांड्स का है, जो अब बढ़कर इसके IMFL रेवेन्यू का लगभग 70% हो गया है। ऐसे में, इस नई पॉलिसी से इसे सीधा फायदा होने की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल ने रेडिको खैतान पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹3,850 रखा है, जो 20-21% तक की बढ़त का संकेत देता है।
- यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Spirits): कर्नाटक से कंपनी की लगभग 57% वॉल्यूम बिक्री होती है। कंपनी ने भी अपने पोर्टफोलियो को FY26 में 89.4% P&A ब्रांड्स की ओर शिफ्ट कर लिया है। हालांकि, ग्रोथ रेडिको खैतान से थोड़ी कम रह सकती है।
- यूनाइटेड ब्रुअरीज (United Breweries): बीयर सेगमेंट में 40% से ज्यादा मार्केट शेयर वाली इस कंपनी पर मिली-जुली असर दिखेगा। माइल्ड बीयर सस्ती होने से फायदा मिल सकता है, लेकिन स्ट्रॉन्ग बीयर के दाम बढ़ने से कुछ असर हो सकता है।
अभी इन कंपनियों के स्टॉक वैल्यूएशन्स भी ऊंचे हैं। रेडिको खैतान 81-84 के P/E पर, यूनाइटेड स्पिरिट्स 55-58 के P/E पर और यूनाइटेड ब्रुअरीज 83-105 के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं।
वैल्यू ब्रांड्स के लिए खतरे की घंटी
प्रीमियम सेगमेंट के चमकने के साथ, वैल्यू ब्रांड्स पर दबाव बढ़ सकता है। कीमतों में 10-20% की बढ़ोतरी से प्राइस-सेंसिटिव ग्राहक दूसरी जगहों पर जा सकते हैं या अवैध शराब का रुख कर सकते हैं। हालांकि, यह अभी सिर्फ कर्नाटक में लागू हुआ है, लेकिन अन्य राज्यों में भी ऐसे बदलाव की संभावना बनी रहेगी, जिससे अनिश्चितता बढ़ सकती है।
सेक्टर का भविष्य
भारतीय शराब और बेवरेज सेक्टर में रेवेन्यू ग्रोथ FY26 के लिए 10-12% सालाना रहने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण प्रीमियमाइजेशन और बेहतर प्राइसिंग है। कर्नाटक का कंटेंट-बेस्ड टैक्सेशन एक लॉन्ग-टर्म पॉजिटिव कदम माना जा रहा है, जो ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप है। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि रेडिको खैतान की अर्निंग्स में FY26-28 के बीच अच्छी ग्रोथ दिखेगी। यूनाइटेड स्पिरिट्स को 'बाय' रेटिंग मिली है, जबकि यूनाइटेड ब्रुअरीज को 'होल्ड' रेटिंग मिली है, जिसका टारगेट प्राइस ₹1,737.78 और 18.89% अपसाइड है।
