बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) फुटवियर ब्रांड Fizzy Goblet में एक अज्ञात राशि का निवेश किया है। यह स्टार्टअप वित्त वर्ष 2026 के लिए **₹60 करोड़** के रेवेन्यू पर है और अगले दो वर्षों में इसे **₹100 करोड़** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है।
करीना कपूर खान बनीं Fizzy Goblet की निवेशक
Fizzy Goblet, जो कि एक डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) फुटवियर कंपनी है, ने एक्ट्रेस करीना कपूर खान से इक्विटी निवेश हासिल किया है। करीना, जो पहले इस ब्रांड की एंबेसडर के तौर पर जानी जाती थीं, अब कंपनी की कैप टेबल का हिस्सा बन गई हैं। यह कदम कंपनी के लिए खास है क्योंकि यह 2014 में एक पारंपरिक जूतियों के ब्रांड के रूप में शुरू हुई थी और अब अपने प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ा चुकी है।
ग्रोथ के लक्ष्य और वित्तीय स्थिति
कंपनी का लक्ष्य अगले दो फाइनेंशियल इयर्स में ₹100 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में, Fizzy Goblet ने ₹60 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। हालांकि एक्ट्रेस द्वारा किए गए निवेश की सटीक राशि का खुलासा नहीं किया गया है, यह फंडिंग ब्रांड की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सपोर्ट करेगी। इससे पहले, Fizzy Goblet ने 2024 में वेंचर कैपिटल फर्म Accel से लगभग $1.5 मिलियन का फंड जुटाया था। वर्तमान में, कंपनी के शेयरधारकों में फाउंडर लक्षिता गोविंल, करीना कपूर खान, Accel और अन्य एंजेल इन्वेस्टर्स शामिल हैं।
रिटेल और प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी
Fizzy Goblet मुख्य रूप से अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ-साथ मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में फैले 16 फिजिकल स्टोर्स के माध्यम से अपना कारोबार करती है। कंपनी का मैनेजमेंट अगले दो सालों में रिटेल मौजूदगी को 40 से 50 स्टोर्स तक बढ़ाने की योजना बना रहा है। फाउंडर लक्षिता गोविंल का कहना है कि वे तेजी से विस्तार करने के बजाय क्वालिटी वाले रिटेल लोकेशन्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
शुरुआत में पारंपरिक जूतियों पर फोकस करने वाली इस ब्रांड ने अब वेस्टर्न फुटवियर जैसे स्नीकर्स, लोफर्स, फ्लैट्स और स्लाइंडर्स को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है। फुटवियर अभी भी बिजनेस का मुख्य हिस्सा है, जो कुल रेवेन्यू का लगभग 90% है। अब कंपनी अपने फुटवियर पर निर्भरता कम करने और ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए बैग्स और छोटे लेदर गुड्स सेगमेंट को बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। घरेलू बाजार के अलावा, ब्रांड की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मौजूदगी है, जहां एक्सपोर्ट ऑर्डर कुल ऑनलाइन बिजनेस का लगभग 15% हिस्सा हैं। इन अंतरराष्ट्रीय बिक्री का प्रबंधन FedEx और DHL जैसी लॉजिस्टिक्स कंपनियों के साथ साझेदारी में किया जाता है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
ब्रांड एंबेसडर से इक्विटी निवेशक बनने का यह कदम सेलिब्रिटी ब्रांडिंग को कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ से जोड़ने की एक रणनीतिक चाल है। इस क्षेत्र पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए, मुख्य रूप से यह देखना होगा कि कंपनी 50 लोकेशन्स तक अपने स्टोर काउंट को कितनी सफलतापूर्वक बढ़ा पाती है और साथ ही संबंधित कैपिटल कॉस्ट्स का प्रबंधन कैसे करती है। इसके अलावा, नए प्रोडक्ट कैटेगरी, खासकर बैग्स और लेदर गुड्स की सफलता, ₹100 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को पूरा करने में अहम होगी। एक प्रतिस्पर्धी फुटवियर बाजार में D2C प्लेयर के रूप में, कंपनी को ग्राहक अधिग्रहण लागत (customer acquisition costs) में वृद्धि और अपने ऑफलाइन स्टोर फुटप्रिंट व एक्सपोर्ट ऑपरेशंस दोनों का विस्तार करने की लॉजिस्टिकल चुनौतियों से भी निपटना होगा।
