Kalyan Jewellers के शेयरों में आज **6%** की जोरदार तेजी देखी गई। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए **38%** की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। यह ग्रोथ भारत और मध्य पूर्व में मजबूत मांग के साथ-साथ गोल्ड रीसाइक्लिंग में हुई भारी बढ़ोतरी से प्रेरित है।
शेयर में आई 6% की तेजी
बुधवार को Kalyan Jewellers के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 6% चढ़कर ₹377.70 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। यह उछाल कंपनी द्वारा पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए जारी किए गए बिजनेस अपडेट के बाद आया, जिसमें उन्होंने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 38% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
भारत और मध्य पूर्व में दमदार प्रदर्शन
कंपनी के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों ने तिमाही के नतीजों में अहम योगदान दिया। भारत में, Kalyan Jewellers ने 38% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जिसमें 28% की सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ शामिल है। वहीं, मध्य पूर्व (Middle East) के कारोबार ने भी 35% की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ मजबूत प्रदर्शन किया। इस तिमाही में, कंपनी ने कल्याण ब्रांड के तहत 12 नए शोरूम और Candere ब्रांड के तहत 5 नए शोरूम खोले। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म Candere के रेवेन्यू में 112% का इजाफा देखा गया, जो छोटे गहनों के लिए कंपनी के ऑनलाइन प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
रीसाइकल्ड गोल्ड पर बढ़ा फोकस
इस तिमाही में कंपनी के संचालन में एक महत्वपूर्ण बदलाव रीसाइकल्ड गोल्ड (Recycled Gold) का बढ़ा हुआ इस्तेमाल है। Kalyan Jewellers ने मई के अंत में 'Shine with India' कैंपेन लॉन्च किया था, जो ग्राहकों को पुराने सोने के बदले नए गहने खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है। कंपनी के अपडेट के अनुसार, कुल रेवेन्यू में रीसाइकल्ड गोल्ड का हिस्सा इस तिमाही में 46% से ऊपर चला गया और जून तक 55% को पार कर गया।
यह बदलाव निवेशकों के लिए अहम है क्योंकि ग्राहकों से एक्सचेंज किए गए सोने पर निर्भर रहने से कंपनी को बाजार से नया सोना खरीदने की जरूरत कम पड़ती है। नया सोना खरीदने में आम तौर पर अधिक लागत और इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। रीसाइकल्ड गोल्ड का उच्च हिस्सा इन्वेंटरी लागत को प्रबंधित करने और इंपोर्टेड बुलियन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कंपनी को बचाने में मदद कर सकता है।
आगे क्या देखना होगा?
भारत में गोल्ड ज्वेलरी सेक्टर सोने की कीमतों और उपभोक्ता मांग के रुझानों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। हालांकि वर्तमान रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत है, शेयरधारकों के लिए अगला महत्वपूर्ण बिंदु इस बिजनेस मॉडल शिफ्ट का प्रॉफिट मार्जिन पर प्रभाव होगा। रीसाइकल्ड गोल्ड से खरीद लागत कम हो सकती है, लेकिन इसके लिए प्रभावी इन्वेंटरी प्रबंधन और उपभोक्ता विश्वास की भी आवश्यकता होगी।
निवेशक आने वाली तिमाही वित्तीय फाइलों पर नजर रख सकते हैं कि क्या यह टॉपलाइन ग्रोथ बेहतर ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में तब्दील होती है, खासकर जब कंपनी फिजिकल शोरूम विस्तार के साथ तेजी से बढ़ते डिजिटल Candere सेगमेंट को संतुलित कर रही है। आने वाली तिमाहियों में नए शोरूम खोलना जारी रखते हुए सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर ध्यान बना रहेगा।
