Kalyan Jewellers के शेयरों ने पिछले चार दिनों में **47%** की छलांग लगाई है। यह तेजी Q1 FY27 में कंपनी के **38%** के शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बाद आई है। घरेलू स्टोरों में मजबूत बिक्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार ने इस रफ्तार को हवा दी है।
Kalyan Jewellers के शेयरों में बंपर उछाल
सोमवार, 13 जुलाई को Kalyan Jewellers का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इंट्राडे में ₹521.85 के हाई तक पहुंच गया। यह लगातार चौथे ट्रेडिंग दिन में 47% की जबरदस्त चढ़ाई का हिस्सा है। यह तेजी कंपनी के जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के बिजनेस अपडेट के बाद आई है, जिसमें 38% की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की गई थी।
रेवेन्यू ग्रोथ के मुख्य कारण
कंपनी की कमाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से भारतीय बिजनेस से हुई, जो 38% बढ़ा। इसमें सबसे अहम रहा 'सेम-स्टोर सेल्स' में 28% की बढ़ोतरी। यह आंकड़ा उन स्टोर्स से होने वाली कमाई को दिखाता है जो एक साल से ज्यादा समय से खुले हैं, जो ऑर्गेनिक डिमांड का संकेत देता है। वहीं, मिडिल ईस्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी के रेवेन्यू में 35% का इजाफा हुआ। डिजिटल ब्रांड Candere ने तो 112% की छलांग लगाई। इस तिमाही में कंपनी ने 12 नए कल्याण शोरूम और 5 Candere आउटलेट खोले।
'शाइन विद इंडिया' और गोल्ड रीसर्कुलेशन
कंपनी की 'शाइन विद इंडिया' कैंपेन ने भी कमाल दिखाया है। इस कैंपेन के जरिए पुराने सोने को एक्सचेंज करने को बढ़ावा दिया गया, जिससे फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में रीसाइकल किए गए सोने का हिस्सा कुल रेवेन्यू का 46% से अधिक हो गया। यह कदम अहम है क्योंकि इससे इंपोर्टेड सोने पर निर्भरता कम होती है।
निवेशकों की नजर और ब्लॉक डील
हालांकि, शेयरों में आई इतनी तेज तेजी ने मार्केट एक्सपर्ट्स का ध्यान खींचा है। 13 जुलाई को 5.42% इक्विटी की एक ब्लॉक डील हुई। इससे पता चलता है कि कुछ निवेशकों ने मुनाफा कमाया है, जबकि कुछ नई खरीदारी हुई है। कंपनी की विस्तार योजनाएं जारी हैं, लेकिन निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या इतनी तेज प्राइस मूवमेंट स्टोर विस्तार और मार्जिन की सस्टेनेबिलिटी के अनुरूप है।
आगे चलकर, निवेशकों को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच ग्रोथ रेट बनाए रखने की कंपनी की क्षमता और शोरूम बढ़ाने के साथ-साथ इन्वेंटरी मैनेजमेंट की प्रभावशीलता पर ध्यान देना होगा। 28% की सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ का बने रहना भविष्य के नतीजों का अहम इंडिकेटर होगा।
