Q3 में मुनाफे का नया रिकॉर्ड!
कल्याण जूलर्स ने अपने Q3 FY25 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसने बाजार को चौंका दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 90% बढ़कर ₹416 करोड़ पर पहुंच गया है। रेवेन्यू (Revenue) में भी 42% की जबरदस्त ग्रोथ देखी गई और यह ₹10,343 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 74.3% बढ़कर ₹750 करोड़ पर आ गया, जिससे मार्जिन (Margin) 7.3% तक पहुंच गया। यह प्रदर्शन सोने की कीमतों में आई अस्थिरता के बावजूद ग्राहकों की मजबूत मांग को दर्शाता है।
ट्रेड डील का असर, शेयर रॉकेट
इसी बीच, 9 फरवरी 2026 को, भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट (Trade Agreement) की खबर ने ज्वैलरी सेक्टर को बड़ी राहत दी है। इस डील से टैरिफ (Tariff) को लेकर अनिश्चितता कम हुई है, जिसका सीधा फायदा कल्याण जूलर्स जैसी कंपनियों को मिला। इसी खबर के दम पर शेयर में इंट्राडे (Intraday) में करीब 10% का उछाल आया और यह ₹424.70 के स्तर तक पहुंच गया। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) भी 1.44 करोड़ शेयरों का रहा, जिनकी कुल वैल्यू ₹595.18 करोड़ रही। यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा फिर से जगा है।
पिछले साल की मंदी से वापसी?
हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि जनवरी 2025 में कल्याण जूलर्स के शेयर ने काफी गिरावट का सामना किया था। तब स्टॉक 41% तक गिरकर ₹440.65 पर आ गया था, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) ₹76,795 करोड़ से घटकर ₹45,450 करोड़ रह गया था। उस समय कंपनी ने SEBI से शेयर में हेरफेर (Manipulation) के आरोप की शिकायत भी दर्ज कराई थी।
अन्य ज्वैलर्स से तुलना
सेक्टर की बात करें तो, टाइटन कंपनी (Titan Company) जैसी दिग्गज कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹3.7 लाख करोड़ है और इसका P/E रेश्यो (P/E Ratio) करीब 89 है। वहीं, कल्याण जूलर्स का TTM P/E रेश्यो फिलहाल 42.8 के आसपास है। टाइटन जहां प्रीमियम वैल्यूएशन (Premium Valuation) पर ट्रेड कर रहा है, वहीं कल्याण जूलर्स का वैल्यूएशन ग्रोथ की संभावनाओं के चलते निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है।
आगे क्या?
हालिया मजबूती और शानदार नतीजों के बावजूद, 2025 की शुरुआत में शेयर में हेरफेर के आरोपों की छाया बनी हुई है। कंपनी ने SEBI को Unusual Trading Patterns, शॉर्ट-सेलिंग (Short-selling) और गलत सूचना फैलाने की शिकायत की थी, जिससे मार्केट कैप ₹76,000 करोड़ से घटकर ₹39,000 करोड़ तक गिर गया था। F&O सेगमेंट में डिस्काउंट पर ट्रेड करने वाले फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स (Futures Contracts) भी चिंता का विषय बने हुए हैं। दिसंबर 2024 के अपने उच्चतम स्तर ₹770 से शेयर में 45% की गिरावट भी इसकी ऐतिहासिक अस्थिरता को दर्शाती है।
बाजार की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कल्याण जूलर्स अपने ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) को बनाए रख पाता है और निवेशकों का भरोसा जीत पाता है। यदि बाजार की ईमानदारी पर चिंताएं फिर से उभरती हैं या कोई अनपेक्षित रेगुलेटरी (Regulatory) एक्शन होता है, तो शेयर की दिशा तेजी से बदल सकती है।