Kalyan Jewellers Share: 54% की तूफानी तेजी के बाद आई गिरावट, जानें वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
Kalyan Jewellers Share: 54% की तूफानी तेजी के बाद आई गिरावट, जानें वजह

Kalyan Jewellers के शेयरों में आज मामूली गिरावट देखने को मिली है। पिछले छह दिनों में **54%** से ज़्यादा की जबरदस्त तेजी के बाद, आज शेयर **2%** नीचे लुढ़क गए। इस शानदार तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप **₹20,000 करोड़** से ज़्यादा बढ़ गया था।

क्यों आई गिरावट?

Kalyan Jewellers India के शेयरों में आज यानी गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 2% की हल्की गिरावट आई। यह गिरावट पिछले छह दिनों की शानदार तेजी पर एक तरह का ब्रेक है। इस अवधि में स्टॉक में करीब 54.5% का उछाल आया था, जिससे कंपनी का मार्केट वैल्यू ₹20,000 करोड़ से अधिक बढ़कर लगभग ₹55,500 करोड़ तक पहुंच गया था। आज मुनाफावसूली (profit-taking) के बावजूद, स्टॉक 2026 में अब तक करीब 11.4% का रिटर्न दे चुका है, जो बेंचमार्क Nifty 50 इंडेक्स के 7.8% के नुकसान से कहीं बेहतर है।

रेवेन्यू और विस्तार का प्रदर्शन

कंपनी का यह प्रदर्शन जून तिमाही के लेटेस्ट बिजनेस अपडेट से जुड़ा है। Kalyan Jewellers ने बताया कि जून तिमाही में भारत में उनका रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 38% बढ़ा है। वहीं, सेम-स्टोर सेल्स में 28% की बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स इससे ज़्यादा ग्रोथ की उम्मीद कर रहे थे। इसी के चलते नतीजे आने के तुरंत बाद शेयर में 7% की शुरुआती गिरावट भी आई थी। लेकिन, कंपनी के अपने रिटेल नेटवर्क के आक्रामक विस्तार पर निवेशकों का ध्यान जाने से स्टॉक जल्दी संभल गया।

Kalyan Jewellers ने तिमाही के दौरान 12 नए शोरूम और पांच Candere स्टोर खोले, जिससे 30 जून तक कुल आउटलेट की संख्या 524 हो गई। कंपनी के डिजिटल ब्रांड Candere के रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 112% का उछाल आया। पश्चिम एशिया (West Asia) के कारोबार में भी 35% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का करीब 14% हिस्सा है।

ब्रोकरेज की राय और रिस्क

ब्रोकरेज फर्म Citigroup ने स्टॉक पर भरोसा जताते हुए 'Buy' रेटिंग और ₹750 का प्राइस टारगेट बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि जून तिमाही की रेवेन्यू ग्रोथ उनकी उम्मीदों से थोड़ी कम रही, लेकिन लंबी अवधि का आउटलुक मजबूत बना हुआ है। कंपनी का फ्रेंचाइजी-लेड ग्रोथ मॉडल, जो नए स्टोर खोलने की कैपिटल इंटेंसिटी को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, निवेश का मुख्य आधार है। इस रणनीति से रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) में सुधार की उम्मीद है।

आने वाले फेस्टिव और वेडिंग सीजन में कंपनी के विस्तार की लागतों को मैनेज करने और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर निवेशकों की नजर रहेगी। जिस तेजी से कंपनी अपने स्टोर की संख्या बढ़ा रही है, उसमें परिचालन संबंधी चुनौतियां या नए बाजारों में उम्मीद से कम मांग का जोखिम बना रह सकता है। इसके अलावा, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंज्यूमर डिमांड और ज्वैलरी रिटेलर्स की इन्वेंट्री लागत को प्रभावित कर सकता है।

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