Kajaria Ceramics ने Q2 FY27 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **24%** बढ़कर **₹1,468 करोड़** हो गया है, जिसका श्रेय सेल वॉल्यूम में **10%** की बढ़ोतरी को जाता है। मोरबी के मैन्युफैक्चरर्स के साथ प्राइस गैप कम करने की रणनीति ने कंपनी को मार्केट में मजबूत बढ़त दिलाई है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹1,468 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनी का मोरबी क्लस्टर के मैन्युफैक्चरर्स के साथ प्राइस गैप को कम करना रहा है। पहले जहां कंपनी का प्रीमियम 40% तक हुआ करता था, उसे अब घटाकर 20-25% के आसपास लाया गया है, जिससे कंपनी को बजट-फ्रेंडली ग्राहकों को लुभाने में मदद मिली है।
मार्जिन और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
कंपनी का EBITDA ₹287.5 करोड़ रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 35% अधिक है। कंपनी ने 19.6% का मार्जिन बरकरार रखा है, जिसे फ्यूल कॉस्ट मैनेजमेंट और बायोफ्यूल के इस्तेमाल से हासिल किया गया है। इसके अलावा, कंपनी के एडेसिव्स (adhesives) सेगमेंट में 69% की भारी वृद्धि देखी गई है, जो कंपनी के डायवर्सिफिकेशन प्लान की सफलता को दिखाता है।
भविष्य की तैयारी और जोखिम
कंपनी ने श्रीकालहस्ती और गैलपुर में नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, जिससे कुल कैपेसिटी में 23.5 MSM का इजाफा होगा। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक 145 MSM की कुल सेल तक पहुंचना है। हालांकि, इन बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स में टाइमलाइन और एग्जीक्यूशन का रिस्क बना रहता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी अपनी आक्रामक प्राइसिंग रणनीति के साथ इन मार्जिन को भविष्य में भी बरकरार रख पाती है या नहीं।
