मोरबी सिरेमिक क्लस्टर में नेचुरल गैस की बढ़ती कीमतों ने अनब्रांडेड और ब्रांडेड टाइल्स के बीच का अंतर कम कर दिया है, जिससे Kajaria Ceramics को बड़ा फायदा मिल रहा है। कंपनी ने Q1 FY27 में **19.6%** का मजबूत EBITDA मार्जिन दर्ज किया है।
भारत के टाइल्स मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मोरबी सिरेमिक क्लस्टर, जो देश में अनऑर्गनाइज्ड टाइल मैन्युफैक्चरिंग का गढ़ है, अब मुश्किलों से जूझ रहा है। नेचुरल गैस की कीमतें ₹48 प्रति SCM से उछलकर ₹88 प्रति SCM के करीब पहुंच गई हैं, जिसके चलते छोटे मैन्युफैक्चरर्स को दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि अनब्रांडेड और ब्रांडेड टाइल्स के बीच का प्राइस गैप अब घटकर सिर्फ 20% रह गया है, जो पहले 40% के आसपास था।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और ग्रोथ टारगेट्स
Kajaria Ceramics ने इस मौके का फायदा उठाते हुए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत दमदार की है। पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,328 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 20% से ज्यादा की ग्रोथ है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए ₹6,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट रखा है और आने वाले साल के लिए इसे ₹7,000 करोड़ तक ले जाने की योजना है। कंपनी का सालाना EBITDA लक्ष्य ₹1,000 से ₹1,100 करोड़ के बीच है।
कैपेसिटी विस्तार की रणनीति
फिलहाल कंपनी अपने वॉल्यूम का करीब 40% आउटसोर्स करती है, जिससे मार्जिन पर दबाव रहता है। इसे कम करने के लिए राजस्थान के गैलपुर और आंध्र प्रदेश के श्रीकालहस्ती में एक्सपेंशन चल रहा है। इससे 21 मिलियन स्क्वायर मीटर की इन-हाउस कैपेसिटी बढ़ेगी। कंपनी का लक्ष्य मिड-2027 तक कुल 104 से 105 मिलियन स्क्वायर मीटर की कैपेसिटी हासिल करना है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
निवेशकों को इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन (Input Cost Inflation) और फ्यूल कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, नए प्लांट्स के समय पर शुरू होने और रिसीवेबल्स मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना जरूरी है। कंपनी ने हाल ही में जुलाई 2026 में ₹1,380 प्रति शेयर के भाव पर 21.5 लाख शेयरों का बायबैक पूरा किया है, जो कैपिटल एलोकेशन के प्रति मैनेजमेंट के नजरिए को साफ करता है। अगली अपडेट्स के लिए 15 सितंबर 2026 को होने वाली कंपनी की 40वीं AGM पर सबकी नजर रहेगी।
