Nandini Curd Price: जनता के विरोध के आगे झुकी KMF, दही की कीमतों में **₹2** की कटौती

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nandini Curd Price: जनता के विरोध के आगे झुकी KMF, दही की कीमतों में **₹2** की कटौती

जनता के भारी विरोध के बाद कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने Nandini curd की कीमतों में **₹2** प्रति लीटर की राहत दी है। यह फैसला दूध की कीमतों में **₹8** और दही में **₹14** तक की बढ़ोतरी के ठीक एक दिन बाद आया है।

भारी विरोध के बाद कीमतों में आंशिक राहत

कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने 2 नवंबर, 2026 को Nandini curd के दाम में ₹2 प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया। यह कदम 1 नवंबर, 2026 को हुई उस भारी बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है, जिसमें दूध के दाम ₹8 और दही के दाम ₹14 प्रति लीटर तक बढ़ा दिए गए थे। हालांकि KMF एक लिस्टेड कंपनी नहीं है, लेकिन इसकी कीमतें पूरे रीजनल डेयरी सेक्टर के लिए बेंचमार्क का काम करती हैं।

विरोध का असर और किसानों का हित

कीमतें बढ़ाने के फैसले का राज्य भर में कड़ा विरोध हुआ। इसमें 'बैंगलोर होटल्स एसोसिएशन' और कई राजनीतिक नेता शामिल थे। फेडरेशन का तर्क था कि ₹8 की बढ़ोतरी में से ₹7 सीधे किसानों को दिए जाने थे, जो कि लगभग 11 लाख डेयरी परिवारों की आजीविका से जुड़ा है। उप-मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार की कोशिश किसानों को बेहतर दाम देने और आम आदमी पर पड़ने वाले महंगाई के बोझ के बीच संतुलन बनाने की है।

भविष्य की चुनौतियां

कारोबारी नजरिए से देखें, तो KMF के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कॉम्पिटिशन की है। अगर दूध के दाम बहुत ज्यादा बढ़ते हैं, तो किसान प्राइवेट प्लेयर्स या पड़ोसी राज्यों की तरफ रुख कर सकते हैं। बार-बार कीमतों में बदलाव से सप्लाई चेन में अस्थिरता पैदा होती है, जिससे फेडरेशन के मुनाफे और भविष्य की प्लानिंग पर असर पड़ सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार बिना कंज्यूमर पर बोझ डाले, किसानों के लिए सस्टेनेबल मॉडल तैयार कर पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.