Jubilant FoodWorks ने दिखाया दम, Q3 FY'26 में मुनाफे में 94% की ज़बरदस्त ग्रोथ
भारत में Domino's और Popeyes जैसी मशहूर फूड चेन्स चलाने वाली Jubilant FoodWorks Limited ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आए हैं। कंपनी ने अपने रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में ही प्रभावशाली बढ़ोतरी दर्ज की है, जो इसके विस्तार की योजनाओं पर भरोसे को और मजबूत करता है।
आंकड़ों पर एक नज़र (Financial Highlights):
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.3% बढ़कर ₹24.4 अरब पर पहुंच गया। टॉप-लाइन ग्रोथ के साथ-साथ बॉटम-लाइन में भी शानदार प्रदर्शन रहा। EBITDA में 20% की बढ़ोतरी हुई और EBITDA मार्जिन 110 बेसिस पॉइंट्स (basis points) सुधरा। सबसे खास बात यह है कि जारी ऑपरेशन्स से प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दोगुने से भी ज़्यादा होकर 94% पर पहुंच गया, जिससे PAT मार्जिन में 167 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा हुआ।
अगर हम अकेले भारतीय कारोबार को देखें, जो कंपनी का मुख्य हिस्सा है, तो रेवेन्यू 11.8% बढ़कर ₹18 अरब हो गया। Domino's इंडिया ने पिछले साल की मजबूत बढ़त के आधार पर 5% का लाइक-फॉर-लाइक (LFL) ग्रोथ हासिल किया। परिचालन क्षमता (operational efficiency) को ग्रॉस मार्जिन में 52 बेसिस पॉइंट्स के सुधार और EBITDA मार्जिन में 110 बेसिस पॉइंट्स की सालाना बढ़ोतरी से समझा जा सकता है, जो क्रमशः 74.9% और 20.5% पर पहुंच गए।
अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में भी चमक:
कंपनी के अंतर्राष्ट्रीय कारोबार ने भी अच्छा योगदान दिया। तुर्की (Turkey) में, कंपनी ने कर्ज के दायित्वों के बावजूद डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की और अच्छी मुनाफावसूली की। इस तिमाही में अकेले तुर्की में कंपनी ने अपने ब्रांड्स के तहत 33 नए स्टोर खोले। श्रीलंका और बांग्लादेश में भी मजबूत ग्रोथ और मार्जिन में सुधार देखा गया।
5,000+ स्टोर का बड़ा लक्ष्य और टेक्नोलॉजी में निवेश:
Jubilant FoodWorks सिर्फ मौजूदा नतीजों पर रुकने वाली नहीं है; यह भविष्य के लिए भारी निवेश कर रही है। मैनेजमेंट ने 5,000 से अधिक स्टोर का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए, कंपनी टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सप्लाई चेन क्षमताओं को बेहतर बनाने और डिलीवरी नेटवर्क को मजबूत करने पर ज़ोर-शोर से निवेश कर रही है।
कंपनी ने Domino's इंडिया के लिए 5% से 7% LFL ग्रोथ और स्टैंडअलोन रेवेन्यू के लिए लगभग 15% की ग्रोथ का अनुमान जताया है। Popeyes ब्रांड को भी इंडस्ट्री-लीडिंग एवरेज डेली सेल्स (ADS) और ग्रॉस मार्जिन के लिए ऑप्टिमाइज़ किया जा रहा है, जिसका मध्यम अवधि का लक्ष्य 250 स्टोर और INR 1,000 करोड़ का टर्नओवर है।
वित्तीय अनुशासन और भविष्य की योजना:
वित्तीय समझदारी कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा है। तुर्की के बिजनेस ने EUR 110 मिलियन के अधिग्रहण संबंधी कर्ज को अपने कैश फ्लो से चुका दिया है, जिससे भारतीय ऑपरेशन्स पर कोई बोझ नहीं पड़ा। कंपनी हर साल ₹700-850 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) की योजना बना रही है, जिसमें अगले 3 सालों में 1,000 स्टोर खोलने के लक्ष्य के साथ स्टोर capex में वृद्धि शामिल है। मार्जिन में सुधार बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, सोची-समझी मूल्य वृद्धि, ऑपरेटिंग लीवरेज और उत्पादकता में बढ़ोतरी का नतीजा है, साथ ही प्रति-स्क्वायर-फुट रेंटल कॉस्ट में भी कमी आई है।
बाजार में स्थिति और भविष्य का दृष्टिकोण (Outlook):
भारतीय क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) स्पेस में Jubilant FoodWorks का प्रदर्शन काबिले तारीफ है। कंपनी का Domino's की ब्रांड ताकत पर ज़ोर, Popeyes में रणनीतिक दांव और टेक्नोलॉजी में महत्वपूर्ण निवेश इसे एक अलग पहचान दिलाता है। लगातार बढ़ती बिक्री और मार्जिन में विस्तार की क्षमता, यहां तक कि ऊंचे बेस पर भी, इसके मजबूत एग्जीक्यूशन को दर्शाती है। कंपनी टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन और स्टोर विस्तार में निवेश जारी रखकर लंबी अवधि के शेयरधारक मूल्य (shareholder value) को बढ़ाने के लिए अपनी रणनीति को लेकर आश्वस्त दिख रही है।
