Jubilant FoodWorks के शेयर में आज करीब **4%** की तेजी देखी गई। कंपनी ने जून तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले **14.1%** की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी ने **76** नए स्टोर खोले, जिससे कुल आउटलेट्स की संख्या **3,712** हो गई, जबकि Domino's इंडिया में **2.5%** की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ रही। हालांकि, इन आंकड़ों के बावजूद निवेशक सतर्क हैं क्योंकि साल की शुरुआत से अब तक यह शेयर **18.6%** गिर चुका है।
Q1 में कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन?
Domino's Pizza की भारतीय ऑपरेटर, Jubilant FoodWorks, ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने बिजनेस अपडेट के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपने शेयर में लगभग 4% की बढ़ोतरी देखी, जो ₹455.25 पर पहुंच गया। कंपनी ने ₹25,693 मिलियन का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 14.1% ज्यादा है। स्टैंडअलोन बेस पर, रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹18,485 मिलियन रहा।
स्टोर एक्सपेंशन और ग्रोथ के आंकड़े
कंपनी ने इस तिमाही में आक्रामक तरीके से नेटवर्क का विस्तार जारी रखा है, कुल 76 नए स्टोर जोड़े हैं, जिससे कुल आउटलेट्स की संख्या 3,712 हो गई है। इसमें Domino's इंडिया ने 58 नए स्टोर खोले, जिनकी कुल संख्या 2,513 हो गई है। वहीं, यूरेशिया सेगमेंट ने 8 नए स्टोर जोड़कर कुल 795 स्टोर तक पहुंच गया। Domino's इंडिया ने 2.5% की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ हासिल की, लेकिन यूरेशिया डिवीजन में इसी मेट्रिक में 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। यह अंतर कंपनी के विभिन्न भौगोलिक बाजारों में अलग-अलग मांग की स्थितियों को दर्शाता है।
ब्रोकरेज की राय और मार्केट का नजरिया
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने नतीजों के बाद शेयर पर न्यूट्रल (Neutral) यानी तटस्थ रुख बनाए रखा है। उनका मानना है कि रेवेन्यू के आंकड़े उनकी उम्मीदों के अनुरूप थे। भारत में 2.5% की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ को सकारात्मक संकेत माना गया, लेकिन ब्रोकरेज ने क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का भी जिक्र किया। फर्म ने शेयर के लिए ₹475 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा स्तरों से मामूली बढ़त का संकेत देता है।
लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन और जोखिम
निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि Jubilant FoodWorks ने हाल के वर्षों में स्टॉक में काफी दबाव देखा है। 2026 में साल की शुरुआत से अब तक, शेयर 18.6% गिर चुका है, जो Nifty 50 इंडेक्स से काफी खराब प्रदर्शन है। पिछले एक साल में, शेयर 34% तक गिरे हैं, जबकि Nifty 50 में सिर्फ 3.7% की गिरावट आई है। तीन साल का रिटर्न भी 9% निगेटिव में है, जबकि Nifty 50 ने 27% का रिटर्न दिया है। यह ट्रेंड बताता है कि कंपनी भले ही अपना फुटप्रिंट बढ़ा रही हो, लेकिन बाजार मुनाफे के मार्जिन और भारतीय फूड-टेक व डाइनिंग स्पेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित है। निवेशक इस पर नजर रखेंगे कि स्टोरों की वर्तमान गति आने वाली तिमाहियों में बेहतर मुनाफे और टिकाऊ लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ में तब्दील होती है या नहीं।
