Jubilant FoodWorks Share: ब्रोकरेज ने लगाया दांव! ₹625 का टारगेट, जानें क्या है वजह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Jubilant FoodWorks Share: ब्रोकरेज ने लगाया दांव! ₹625 का टारगेट, जानें क्या है वजह

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Jubilant FoodWorks पर 'Buy' रेटिंग के साथ ₹625 का टारगेट सेट किया है। यह रेटिंग कंपनी के 1QFY27 नतीजों के बाद आई है, जिसमें Popeyes के शानदार प्रदर्शन और Domino's के ऑर्डर वॉल्यूम में रिकवरी देखने को मिली। हालांकि, निवेशकों को QSR सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कमोडिटी महंगाई के बीच मार्जिन बनाए रखने की चुनौती पर नजर रखनी होगी।

Motilal Oswal का नया दांव: Jubilant FoodWorks पर ₹625 का टारगेट

14 अगस्त, 2026 को ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Jubilant FoodWorks के प्रति अपने नजरिए को 'Buy' रेटिंग के साथ ₹625 के टारगेट प्राइस के साथ अपग्रेड किया है। यह कदम कंपनी के पहली तिमाही, 2027 फाइनेंशियल ईयर (1QFY27) के नतीजों के बाद उठाया गया है, जो 13 अगस्त, 2026 को जारी किए गए थे। ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) ऑपरेटर ने तिमाही के लिए 9% साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है।

Domino's की रिकवरी और Popeyes की तूफानी तेजी

कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस में इसके स्थापित ब्रांड और नए सेगमेंट के बीच एक बड़ा अंतर देखा जा रहा है। Domino's Pizza, जो कि बिजनेस का एक बड़ा हिस्सा है, में रिकवरी के संकेत मिले हैं। इसकी लाइक-फॉर-लाइक (LFL) सेल्स ग्रोथ 2.5% रही, जो पिछले तिमाही में दर्ज 0.2% ग्रोथ से एक महत्वपूर्ण सुधार है। Domino's के ऑर्डर वॉल्यूम में भी 6.5% की बढ़ोतरी हुई है, जो ग्राहकों की मांग में स्थिरता का संकेत देता है। वहीं, Popeyes ब्रांड ग्रोथ का एक प्रमुख जरिया बनकर उभरा है। इसने रेवेन्यू में 97% की जबरदस्त बढ़ोतरी और 40% से अधिक LFL ग्रोथ दर्ज की है, जो भारतीय बाजार में इस ब्रांड की तेजी से स्केलिंग का प्रमाण है।

आगे की राह: चुनौतियाँ और उम्मीदें

14 अगस्त को नतीजों के बाद, Jubilant FoodWorks के शेयर ₹508 से ₹521 के दायरे में कारोबार कर रहे थे। नतीजों से उत्साह तो मिला है, लेकिन कुछ विश्लेषकों ने बिजनेस के कुछ हिस्सों को लेकर सावधानी बनाए रखी है। एक मुख्य चिंता Domino's India के कोर बिजनेस में मंदी वाली लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ बनी हुई है। इसके अलावा, QSR सेक्टर में लगातार कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है, जो कंपनी की लागत ग्राहकों पर डालने या बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

मैनेजमेंट ने एक सकारात्मक आउटलुक जताया है, उनका अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही पहली तिमाही से बेहतर प्रदर्शन करेगी। वे साल के दूसरे हिस्से में ग्रोथ का मजबूत ट्रैक देखने की उम्मीद कर रहे हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी इस उम्मीद को हकीकत में बदल पाती है, खासकर Popeyes चेन को आक्रामक रूप से स्केल करते हुए प्रॉफिट मार्जिन को संतुलित करके। एक और महत्वपूर्ण फैक्टर जिस पर नजर रखनी होगी, वह यह है कि कमोडिटी प्राइस इन्फ्लेशन आने वाली तिमाहियों में कंपनी के EBITDA मार्जिन को कैसे प्रभावित करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.