क्यों बंद हो रहा है Dunkin' India का सफर?
Jubilant FoodWorks (JFL) ने साफ कर दिया है कि वह Dunkin' India के साथ अपने 15 साल के सफर को 31 दिसंबर को खत्म कर देगी। कंपनी ने इस फ्रेंचाइजी को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है, क्योंकि यह लगातार घाटे में चल रहा था। JFL के लिए Dunkin' India का रेवेन्यू में योगदान (Contribution) पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में सिर्फ 0.61% रहा, जबकि इसी दौरान कंपनी को ₹19.1 करोड़ का घाटा हुआ। दिसंबर 2025 तक Dunkin' के सिर्फ 27 स्टोर बचे थे, पिछले साल 7 आउटलेट बंद कर दिए गए थे। इस वजह से, कंपनी अब अपने ज्यादा चलने वाले ब्रांड्स जैसे Domino's Pizza और Popeyes पर फोकस करना चाहती है।
भारत का QSR मार्केट और Dunkin' की चुनौतियां
भारत में क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, और हर साल 15-20% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इसकी वजह है देश की युवा आबादी, बढ़ती आय और सुविधा की मांग। हालांकि, इस सेक्टर में विदेशी ब्रांड्स को तगड़ी कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ता है, जिसमें दूसरे ग्लोबल प्लेयर्स के साथ-साथ फुर्तीले डोमेस्टिक प्लेयर्स भी शामिल हैं। JFL ने Domino's Pizza को भारत में एक लीडिंग ब्रांड बनाने में कामयाबी हासिल की, लेकिन Dunkin' के साथ उसका अनुभव दिखाता है कि हर प्रोडक्ट हर मार्केट के लिए फिट नहीं बैठता। Dunkin' का डोनेट और कॉफी पर फोकस भारतीय ग्राहकों के बीच उतना पॉपुलर नहीं हो पाया, जितना पिज्जा या फ्राइड चिकन। Dunkin' के ग्लोबल ओनर Inspire Brands, जिसने 2020 में इस ब्रांड को खरीदा था, अब भारत के लिए एक नया लोकल पार्टनर तलाश रही है। Inspire Brands पहले से ही Graviss Group के साथ मिलकर Baskin Robbins के जरिए भारत में मौजूद है। एक ग्लोबल स्पोक्सपर्सन (Spokesperson) ने भारत में आगे बढ़ने की बात कही है, लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को Dunkin' के कॉन्सेप्ट की बड़ी सफलता पर शक है।
Inspire Brands के लिए नया पार्टनर खोजना एक बड़ी चुनौती
JFL का Dunkin' India से बाहर निकलना भले ही पैसों के लिहाज से सही फैसला हो, लेकिन इससे Inspire Brands पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि वह अपने ब्रांड पोर्टफोलियो को कैसे मैनेज करती है। Inspire Brands के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि एक ऐसे ब्रांड के लिए सक्षम फ्रेंचाइजी ढूंढे, जिसने 15 सालों में भारत में कोई खास जगह नहीं बनाई। साथ ही, इसे Dunkin' की इंटरनेशनल सक्सेस की ग्लोबल इमेज को भी बनाए रखना होगा। Domino's India के विपरीत, जो JFL की विशेषज्ञता और ग्राहकों की स्वीकार्यता के कारण सफल है, Dunkin' को बड़े QSR चेन्स और बदलते लोकल टेस्ट से कड़ी टक्कर मिल रही है। Inspire Brands के लिए यह रिस्क है कि Dunkin' उनके इंटरनेशनल ग्रोथ के लिए लगातार बोझ न बन जाए। JFL के लगातार घाटे और स्टोर बंद होने की खबरें इस ब्रांड की भारतीय मार्केट में मुश्किलों का साफ संकेत हैं। किसी भी नए ऑपरेटर को सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि ब्रांड की पेशकश में पूरी तरह से बदलाव लाने की जरूरत होगी, जिसमें काफी जोखिम है।
फोकस ग्रोथ वाले ब्रांड्स पर
Jubilant FoodWorks अब अपने मुख्य ग्रोथ ड्राइवर्स - Domino's Pizza और Popeyes - पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकेगी, जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। Dunkin' India का भविष्य अब Inspire Brands के हाथों में है और यह देखना होगा कि क्या वे एक ऐसे नए फ्रेंचाइजी को ढूंढ पाते हैं, जिसके पास भारतीय ग्राहकों के हिसाब से ब्रांड को बदलने की दूरदर्शिता और संसाधन हों।
