10 अगस्त, 2026 को ज्वैलरी स्टॉक्स में ज़बरदस्त तेजी देखने को मिली, जिसमें Titan Company और Sky Gold & Diamonds सबसे आगे रहे। Titan के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे, जबकि Sky Gold के शेयरों में **14%** का उछाल आया, वो भी एक साइबर फ्रॉड की खबर के बावजूद।
भारतीय ज्वैलरी स्टॉक्स में खरीदारी का बूम
10 अगस्त, 2026 को भारतीय ज्वैलरी स्टॉक्स में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसकी मुख्य वजह पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजे रहे। Titan Company के शेयर ₹5,121.30 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए, वहीं Sky Gold & Diamonds के शेयरों में 14% की बड़ी उछाल देखी गई और यह ₹815.95 के इंट्राडे 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गए।
Sky Gold: मुनाफे में 141% की छलांग, पर साइबर फ्रॉड का साया
Sky Gold ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत धमाकेदार की है। Q1 FY27 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 141% बढ़कर ₹104.9 करोड़ हो गया। रेवेन्यू में भी 77.9% का जबरदस्त इजाफा हुआ और यह ₹2,012.8 करोड़ पर पहुंच गया। इसका श्रेय ऑर्गेनाइज्ड रिटेल पार्टनर्स से मिली मजबूत डिमांड और हल्के, वैल्यू-एडेड ज्वैलरी पर कंपनी के फोकस को जाता है।
हालांकि, एक अहम बात यह है कि कंपनी ने हाल ही में अपनी सब्सिडियरी Starmangalsutra में हुए एक साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है, जिसमें लगभग ₹10.70 करोड़ का नुकसान हुआ है। आने वाली तिमाहियों में इस वित्तीय प्रभाव पर निवेशकों की पैनी नज़र रहेगी।
Titan Company: 63% बढ़ा प्रॉफिट, वॉच और आईवियर सेगमेंट भी चमके
Titan Company ने भी दमदार नतीजे पेश किए हैं। Q1 FY27 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 63% बढ़कर ₹1,777 करोड़ रहा। कंपनी की कुल आय 40% बढ़कर ₹20,753 करोड़ पर पहुंच गई। सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद, कंपनी के ज्वैलरी डिवीजन ने खरीदारों की ग्रोथ में मजबूती दिखाई। मैनेजमेंट का कहना है कि वे खरीदार बेस का विस्तार करने और अपने वॉच और आईवियर सेगमेंट में 'प्रीमियमाइजेशन' के ट्रेंड का फायदा उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि ग्रोथ बनी रहे।
सेक्टर के अन्य स्टॉक्स में भी तेजी
इस सेक्टर के अन्य प्रमुख स्टॉक्स जैसे Senco Gold, Kalyan Jewellers और Thangamayil Jewellery में भी बढ़त दर्ज की गई, जो इंडस्ट्री में व्यापक सकारात्मकता को दर्शाता है। ऑर्गेनाइज्ड से अनऑर्गनाइज्ड रिटेल की ओर बढ़ता रुझान इन कंपनियों के लिए एक बड़ा बूस्टर बना हुआ है। ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स को ग्राहकों के बढ़ते भरोसे, बेहतर डिजाइन और सप्लाई चेन को कुशलतापूर्वक मैनेज करने की क्षमता का लाभ मिल रहा है।
जोखिमों पर भी रखें नज़र
इन शानदार प्रदर्शनों के बावजूद, इस सेक्टर पर कुछ जोखिम भी मंडरा रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भर फर्म्स को बढ़ते लोन कॉस्ट का सामना करना पड़ सकता है। ज्वैलरी इंडस्ट्री कस्टम ड्यूटी और सोने के आयात पर सरकारी नियमों में बदलावों के प्रति संवेदनशील है। इसके अलावा, ग्लोबल गोल्ड प्राइसेस में उतार-चढ़ाव सीधे उपभोक्ता मांग और प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि आने वाली तिमाहियों में ये कंपनियां कच्चे माल की लागत, कर्ज के स्तर और अपने विस्तार योजनाओं को कैसे मैनेज करती हैं।
