Swiggy Instamart की 'गोल्ड रश': 45 गुना बढ़ी मांग, क्विक कॉमर्स का बड़ा दांव

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AuthorNeha Patil|Published at:
Swiggy Instamart की 'गोल्ड रश': 45 गुना बढ़ी मांग, क्विक कॉमर्स का बड़ा दांव
Overview

Swiggy के Instamart प्लेटफॉर्म ने अक्षय तृतीया के मौके पर ग्राहकों को चौंका दिया! 19 अप्रैल को, प्लेटफॉर्म पर सोने की मांग **49 गुना** और चांदी की मांग **24 गुना** बढ़ गई, जिससे कुल मांग में **45 गुना** का जबरदस्त उछाल आया। यह क्विक कॉमर्स के लिए ग्रॉसरी से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू रिटेल में एक बड़ा कदम है।

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क्विक कॉमर्स का नया अवतार!

Swiggy Instamart पर अक्षय तृतीया के दौरान सोने और चांदी की बिक्री में आई भारी तेजी क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए एक अहम मोड़ है। यह दिखाता है कि यह सेक्टर अब सिर्फ रोजमर्रा की जरूरत की चीजों से निकलकर सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण, महंगी खरीदारी की ओर भी बढ़ रहा है। इस ट्रेंड ने फेस्टिव खरीदारी के तरीके को बदल दिया है और शहरी ग्राहकों की स्पीड और डिजिटल ऑप्शन्स की मांग को उजागर किया है। यह क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए एक रणनीतिक कदम है ताकि वे ग्राहकों के विवेकाधीन खर्च (discretionary spending) का बड़ा हिस्सा हासिल कर सकें।

फेस्टिव मेटल्स की डिमांड में उछाल

19 अप्रैल को, Swiggy Instamart प्लेटफॉर्म पर कुल मांग 45 गुना बढ़ गई। इसकी मुख्य वजह अक्षय तृतीया के लिए सोने की खरीदारी में 49 गुना और चांदी के लेनदेन में 24 गुना की वृद्धि रही। फेस्टिव खरीदारी में 1 ग्राम, 2 ग्राम और 0.5 ग्राम जैसे छोटे सोने के सिक्के सबसे ज्यादा बिके, जो यह दर्शाता है कि किफायती निवेश के विकल्प काफी लोकप्रिय हुए। प्लेटफॉर्म की 'प्राइस-लॉक' (price-lock) सुविधा, जिसने लगभग 40% सोने के ऑर्डर को पिछली कीमतों पर प्री-बुक करने की अनुमति दी, काफी कारगर साबित हुई। यह ऑफर खासकर मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली जैसे शहरों में लोकप्रिय रहा।

बाजार का व्यापक परिदृश्य

Instamart की यह सफलता ज्वैलरी मार्केट के मौजूदा ट्रेंड से अलग है, जहां ऊंची कीमतों ने बिक्री की मात्रा को सीमित कर दिया था। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, अक्षय तृतीया 2026 में सोने की खरीदारी की मात्रा में लगभग 30% की गिरावट आ सकती है, जबकि कीमतें ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहने की उम्मीद है। कम मात्रा के बावजूद, सोने और चांदी का कुल ट्रेड वैल्यू पिछले साल के ₹16,000 करोड़ से बढ़कर ₹20,000 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण कीमतों में बढ़ोतरी है। ग्राहक भारी-भरकम गहनों की जगह हल्के डिजाइन, सोने के सिक्के और पुराने गहनों के बदले नए गहनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं, चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है। फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) मार्च 2026 में समाप्त होने वाले अवधि के लिए भारत का चांदी का आयात मूल्य में 42% बढ़ा है, जो निवेश और औद्योगिक दोनों उपयोगों के लिए है। Instamart पर भी यह ट्रेंड देखा गया, जहां चांदी की छड़ों के एक ऑर्डर का मूल्य ₹1.65 लाख था, जो इस धातु की अपील को दर्शाता है।

यह हाई-वैल्यू, नॉन-ग्रोसरी आइटम में घुसपैठ क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए एक बढ़ता हुआ ट्रेंड है। Blinkit और Zepto जैसे प्लेटफॉर्म भी खाने-पीने की चीजों से आगे बढ़कर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ों और घरेलू सामानों को अपने फेस्टिव कलेक्शन में जोड़ रहे हैं। Zomato (Blinkit का मालिक) जैसी कंपनियों के लिए यह डाइवर्सिफिकेशन (diversification) महत्वपूर्ण है, जिसका 30 मार्च 2026 तक का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 973.81 है, जो फूड डिलीवरी से आगे ग्रोथ की उच्च निवेशक अपेक्षाओं को दर्शाता है। वहीं, Titan Company जैसे पारंपरिक ज्वैलर्स ने Q3 FY26 में ज्वैलरी बिजनेस में लगभग 41% की साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज की, जिसका मुख्य कारण एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) में वृद्धि थी। कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers), जिसने Instamart के साथ पार्टनरशिप की थी, ने भी मजबूत फेस्टिव मांग की सूचना दी। ग्लोबल अनिश्चितताओं, सेंट्रल बैंक की खरीदारी और सेफ-हेवन एसेट के रूप में अपनी स्थिति के कारण सोने का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।

क्विक कॉमर्स के लिए चुनौतियां और जोखिम

हाल की तेजी के बावजूद, क्विक कॉमर्स को हाई-वैल्यू कैटेगरी में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल गोल्ड, जो तेजी से बढ़ रहा है, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा औपचारिक रूप से रेगुलेटेड (regulated) नहीं है, जिससे प्लेटफॉर्म के विफल होने की स्थिति में निवेशकों को कम सुरक्षा मिलती है। सुविधा एक बड़ा आकर्षण है, लेकिन कई लोग अभी भी बड़ी खरीदारी के लिए पारंपरिक ज्वैलरी स्टोर्स को प्राथमिकता देते हैं, जहां वे सामानों का भौतिक निरीक्षण कर सकें। सोने की ऊंची कीमतें अभी भी बल्क बाइंग (bulk buying) को हतोत्साहित कर रही हैं, जिससे ग्राहक छोटी मात्रा या हल्के गहनों की ओर बढ़ रहे हैं। क्विक कॉमर्स के लिए, नॉन-ग्रोसरी आइटम की लॉजिस्टिक्स को बढ़ाना एक चिंता का विषय बना हुआ है, जिसमें उच्च डिलीवरी लागत और भुगतान संबंधी समस्याएं व रिटर्न के संभावित जोखिम शामिल हैं। Instamart का यह कदम रणनीतिक है, लेकिन प्रतिस्पर्धी बाजार में इन विविध पेशकशों से लाभप्रदता साबित करना अभी बाकी है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.