टाटा ग्रुप की कंपनी Infiniti Retail (Croma) ने FY26 में बड़ी कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने **₹159 करोड़** का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज करते हुए घाटे के दौर से वापसी की है। हालांकि, नेट लॉस कम होने के बावजूद कंपनी अभी भी महंगे इंपोर्ट और कमजोर डिमांड जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।
मुनाफे की ओर वापसी
टाटा ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी Infiniti Retail ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार रिकवरी दिखाई है। कंपनी ने ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी (Operational Profitability) हासिल कर ली है, जो इसके बिजनेस मॉडल में बड़े सुधार की ओर इशारा करती है। FY26 में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹159 करोड़ रहा, जो FY25 में हुए ₹235 करोड़ के ऑपरेटिंग लॉस के मुकाबले एक बड़ी राहत है। वहीं, नेट लॉस भी घटकर ₹614 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹1,091 करोड़ था। कंपनी की कुल आय में भी 13% का उछाल आया है और यह ₹21,784 करोड़ तक पहुंच गई है।
स्टोर नेटवर्क की सफाई और नई योजना
इस बेहतर प्रदर्शन के पीछे कंपनी का 'स्ट्रेटेजिक रिव्यू' है। बीते साल कंपनी ने 35 ऐसे स्टोर्स को बंद कर दिया, जो लोकेशन और परफॉरमेंस के पैमाने पर सही नहीं थे। अब कंपनी 45 नए आउटलेट्स खोलने की तैयारी कर रही है। इसमें कंपनी एक 'डुअल-फॉर्मेट' रणनीति अपनाएगी—बड़े होम अप्लायंसेज स्टोर्स के साथ-साथ 'Edge by Croma' नाम से छोटे नेबरहुड स्टोर्स पर जोर दिया जाएगा, जो मोबाइल और पर्सनल गैजेट्स पर केंद्रित होंगे।
सेक्टर की चुनौतियां
ऑपरेटिंग फ्रंट पर सुधार के बावजूद, इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल सेक्टर की राह आसान नहीं है। स्मार्टफोन की बिक्री में 10% से ज्यादा की गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण डिवाइस की कीमतों में 30% से 40% तक का इजाफा है। साथ ही, वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण फ्रेट कॉस्ट (Freight cost) और मेमोरी चिप्स की कमी ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी टीवी और अप्लायंसेज के पैनल जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स को आयात करना महंगा बना दिया है। फिलहाल, निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इन बढ़ते इनपुट कॉस्ट और बदलते कंज्यूमर खर्च के बीच अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
