इंदौर के फूड सेफ्टी अधिकारियों ने हाइजीन और स्टोरेज नियमों के उल्लंघन के चलते BigBasket समेत कई बड़े आउटलेट्स का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। ई-ग्रोसरी प्लेटफॉर्म्स पर भारत भर में बढ़ रही नियामक सख्ती के बीच यह एक बड़ी घटना है।
लाइसेंस सस्पेंशन की मुख्य वजह
इंदौर फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने 31 अगस्त, 2026 से प्रभावी इस कार्रवाई के तहत BigBasket के अलावा HeyDeli Pizza और Social Indore के लाइसेंस भी रद्द किए हैं। जांच में कंपनी के स्थानीय वेयरहाउस में गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनमें फूड और नॉन-फूड इन्वेंट्री का गलत तरीके से एक साथ रखा जाना प्रमुख है। इसके अलावा, कंपनी वेयरहाउस में काम करने वाले कर्मचारियों के अनिवार्य मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड्स पेश करने में भी नाकाम रही।
बढ़ता रेगुलेटरी दबाव
यह मामला केवल एक शहर तक सीमित नहीं है। इससे पहले अगस्त 2026 में ही कर्नाटक के रेगुलेटर्स ने BigBasket, Amazon और Swiggy Instamart के खिलाफ इसी तरह के सख्त कदम उठाए थे, जब ये प्लेटफॉर्म्स 'धतूरे के बीज' जैसी जहरीली चीजें खाद्य सामग्री के रूप में लिस्ट करते हुए पकड़े गए थे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
BigBasket, टाटा डिजिटल (Tata Digital) की एक सब्सिडियरी है और फिलहाल यह एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इस खबर का सीधा असर शेयर बाजार (NSE/BSE) पर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह घटना बड़े पैमाने पर काम कर रहे ई-ग्रोसरी प्लेयर्स के सामने आने वाली ऑपरेशनल चुनौतियों को उजागर करती है। हर डार्क स्टोर और वेयरहाउस में हाइजीन स्टैंडर्ड्स को मेंटेन करना अब कंपनियों के लिए एक बड़ा रिस्क बन गया है। अगर ऐसी गलतियां बार-बार होती हैं, तो भविष्य में लाइसेंस रद्द होने का खतरा और भारी जुर्माना कंपनियों की कॉस्ट बढ़ा सकता है और उनकी साख पर भी चोट पहुंचा सकता है।
