Indian Mithai Market: मिठाइयों का 'लक्जरी' अवतार, **₹84,310 करोड़** के बाजार में नई हलचल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Mithai Market: मिठाइयों का 'लक्जरी' अवतार, **₹84,310 करोड़** के बाजार में नई हलचल

भारत का ट्रेडिशनल स्वीट्स मार्केट अब लग्जरी सेगमेंट की ओर बढ़ रहा है। **₹84,310 करोड़** के इस विशाल उद्योग में बड़े हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स अब आर्टिसनल मिठाइयों के जरिए अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत के मिठाई बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि इस इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा अभी भी अन-ऑर्गेनाइज्ड है, लेकिन अब कुछ ब्रांड्स 'लग्जरी कन्फेक्शनरी' स्पेस में आक्रामक विस्तार कर रहे हैं। ये ब्रांड्स पारंपरिक मिठाइयों को प्रीमियम गिफ्टिंग के तौर पर पेश कर रहे हैं, जिसमें विदेशी सामग्री और शानदार पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बड़े होटल ग्रुप्स की एंट्री

Radisson Hotel Group और Roseate Hotels & Resorts जैसे बड़े खिलाड़ी अब अपनी स्टैंडअलोन स्वीट ब्रांड्स को होटलों से बाहर निकाल कर सीधे ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं। इनका फोकस प्रिजर्वेटिव-फ्री मिठाई पर है, जिससे कॉर्पोरेट ऑर्डर्स में पिछले साल के मुकाबले 10% से 15% का उछाल देखा गया है।

'प्रीमियम' बनने की होड़

आजकल बाजार में ऐसे गिफ्ट हैंपर्स मिल रहे हैं जिनकी कीमत ₹21,000 तक है। हालांकि, यह अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट कुल बाजार का 1% से भी कम है, लेकिन विश्लेषक इसे आम लोगों की बदलती खर्च करने की क्षमता के तौर पर देख रहे हैं।

जोखिम और चुनौतियां

इस प्रीमियम बदलाव में कुछ बड़े जोखिम भी शामिल हैं:

  • ऑपरेशनल लागत: प्रीमियम मिठाइयां जल्दी खराब होने वाली होती हैं, जिसके लिए महंगे कोल्ड-चेन सप्लाई चेन की जरूरत होती है।
  • बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा: Haldiram’s और Bikaji जैसे दिग्गज भी अब अपने प्रीमियम लाइन्स लॉन्च कर रहे हैं, जिससे नए आर्टिसनल ब्रांड्स के लिए अपनी जगह बनाना मुश्किल हो सकता है।
  • सीजनल डिमांड: इस बिजनेस की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि डिमांड अभी भी दिवाली जैसे त्योहारों तक सीमित है। ऐसे में पूरे साल रेवेन्यू बनाए रखना इन ब्रांड्स के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.