Live Concert Economy: कॉन्सर्ट टिकट पर खर्च किए गए ₹100 से कैसे बनता है ₹899 का रेवेन्यू?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Live Concert Economy: कॉन्सर्ट टिकट पर खर्च किए गए ₹100 से कैसे बनता है ₹899 का रेवेन्यू?

BookMyShow के डेटा के मुताबिक, भारत में लाइव कॉन्सर्ट का इकोनॉमिक इम्पैक्ट जबरदस्त है। टिकट पर होने वाले हर ₹100 के खर्च से लोकल इकोनॉमी में ₹899 का एडिशनल फ्लो हो रहा है, जो हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल सेक्टर के लिए गेम-चेंजर है।

भारत में लाइव एंटरटेनमेंट इवेंट्स अब सिर्फ टिकट बिक्री तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि ये रीजनल इकोनॉमी के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया बन गए हैं। टिकटिंग प्लेटफॉर्म BookMyShow की रिपोर्ट 'OOO: Offline. Outdoors. Out Loud.' के अनुसार, एक बड़े कॉन्सर्ट का वित्तीय असर आसपास के स्थानीय बिजनेस पर बहुत गहरा होता है। उपभोक्ता जब कॉन्सर्ट टिकट पर ₹100 खर्च करते हैं, तो उसका ₹899 हिस्सा स्थानीय ट्रांसपोर्ट, होटल और फूड सर्विसेज में खर्च होता है।

इकोनॉमिक रिपल इफेक्ट (Economic Ripple Effect)

लाइव म्यूजिक इवेंट्स का वित्तीय प्रभाव इवेंट ऑर्गेनाइजर्स की सीधे होने वाली कमाई से कहीं ज्यादा है। गुवाहाटी में हुए पोस्ट मेलोन (Post Malone) के कॉन्सर्ट का उदाहरण लें, तो वहां बाहर से आने वाले हजारों दर्शकों की वजह से होटल के कमरों, लोकल ट्रांजिट और रेस्टोरेंट्स की डिमांड में भारी उछाल देखा गया। यह रेवेन्यू का एक ऐसा स्पाइक है जो सिर्फ टिकट की बिक्री से नहीं आता।

एक्सपीरियंस पर खर्च करने का चलन

भारतीय कंज्यूमर्स अब सामान खरीदने के बजाय 'अनुभव' (Experience) को प्राथमिकता दे रहे हैं। लगभग 40% कॉन्सर्ट अटेंडीज अपने बजट का बड़ा हिस्सा लाइव इवेंट्स पर खर्च कर रहे हैं। यह ट्रेंड सिर्फ बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि टियर-1 और टियर-2 शहरों में भी तेजी से बढ़ रहा है।

सेक्टर पर असर और रिस्क

हॉस्पिटैलिटी, एयरलाइंस और फूड सर्विसेज के लिए यह एक बड़ा मौका है, लेकिन इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह एक 'डिस्क्रिशनरी स्पेंडिंग' (Discretionary Spending) ट्रेंड है। इसका फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि बड़े इवेंट्स कितनी बार हो रहे हैं और शहर उसे मैनेज करने के लिए कितने सक्षम हैं।

इसके अलावा, लाइव म्यूजिक इवेंट्स युवाओं, खास तौर पर Gen Z के लिए नए म्यूजिक को डिस्कवर करने का मुख्य जरिया बन गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 72% प्रतिभागी लाइव शो के जरिए नए कलाकारों को खोजते हैं। भविष्य में इस इकोनॉमी की स्थिरता इस पर निर्भर करेगी कि इवेंट्स की फ्रीक्वेंसी बनी रहे और कंज्यूमर का खर्च इन्फ्लेशन के दबाव के बावजूद कितना रेजिलिएंट रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.