भारत के लिकर मार्केट में प्रीमियम की ओर बढ़त, प्रमुख कंपनियों को मिल रही तरक्की

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AuthorAditi Singh | Whalesbook News Team

Overview

भारत का लिकर मार्केट प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ रहा है, जहां उपभोक्ता वैल्यू चेन में ऊपर की ओर जा रहे हैं। इस ट्रेंड से वित्त वर्ष 25 से 29 तक इंडियन-मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के लिए सालाना 5% वॉल्यूम ग्रोथ और 14.8% वैल्यू ग्रोथ की उम्मीद है। विश्लेषण में पांच कंपनियां - IFB एग्रो इंडस्ट्रीज, एसोसिएट अल्कोहल एंड ब्रुअरीज, पिकाडिली एग्रो, जीएम ब्रुअरीज, और ग्लोबस स्पिरिट्स - शामिल हैं, जो प्रीमियमकरण और रणनीतिक विस्तार के कारण 5 साल की मजबूत बिक्री वृद्धि दिखा रही हैं।

भारतीय लिकर मार्केट में "प्रीमियमाइजेशन" (premiumization) का एक महत्वपूर्ण रुझान देखा जा रहा है, जहाँ उपभोक्ता अर्थव्यवस्था (economy) वाले उत्पादों के बजाय मिड और प्रीमियम-प्राइस वाले पेय पदार्थों को अधिक पसंद कर रहे हैं। यह बदलाव बढ़ती डिस्पोजेबल आय, ब्रांड के प्रति बढ़ती जागरूकता और बदलते सामाजिक आदतों से प्रेरित है। नतीजतन, बाजार वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ के बीच एक अंतर देख रहा है। रेडिको खैतान की वित्त वर्ष 25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन-मेड फॉरेन लिकर (IMFL) उद्योग वित्त वर्ष 25 और वित्त वर्ष 29 के बीच 5% वॉल्यूम और 14.8% वैल्यू की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगा, जो प्रीमियम उत्पादों और मूल्य निर्धारण शक्ति के प्रभाव को रेखांकित करता है।
लेख में पांच लिकर कंपनियों की पहचान की गई है जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में मजबूत बिक्री वृद्धि प्रदर्शित की है, यह दर्शाता है कि वे प्रीमियमकरण की दौड़ में आगे हैं:

  1. IFB एग्रो इंडस्ट्रीज: 57.3% बिक्री सीएजीआर हासिल की, एक्वा फीड में विविधीकरण किया और ब्रूइंग/बोतलिंग क्षमता का विस्तार किया।
  2. एसोसिएट अल्कोहल एंड ब्रुअरीज: 15.6% बिक्री सीएजीआर दिखाई, अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो (जैसे निकोबार जिन, हिलफोर्ट व्हिस्की) और भौगोलिक पहुंच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया, और ब्रांडी व टकीला सेगमेंट में प्रवेश करने की योजना है।
  3. पिकाडिली एग्रो: 13.4% बिक्री सीएजीआर दर्ज की, चीनी से इंड्री सिंगल माल्ट व्हिस्की जैसे वैल्यू-एडेड IMFL उत्पादों में परिवर्तन किया, और भारत और स्कॉटलैंड में महत्वपूर्ण क्षमता विस्तार कर रही है।
  4. जीएम ब्रुअरीज: 9.9% बिक्री सीएजीआर दर्ज की, महाराष्ट्र में कंट्री लिकर में प्रमुख है, विस्तार के लिए ब्रांड लॉयल्टी का लाभ उठाने की योजना है और मजबूत प्लांट यूटिलाइजेशन है।
  5. ग्लोबस स्पिरिट्स: 7.8% बिक्री सीएजीआर पोस्ट की, अपने उपभोक्ता व्यवसाय पर प्रीमियम ब्रांडों और क्षमता विस्तार के साथ ध्यान केंद्रित किया, प्रीमियम सेगमेंट में EBITDA ब्रेक-ईवन का लक्ष्य रखा है।
    प्रभाव: प्रीमियमकरण का यह रुझान भारतीय शेयर बाजार को उपभोक्ता स्टेपल्स और विवेकाधीन (discretionary) क्षेत्रों में विकास के अवसर पैदा करके महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है। जो कंपनियां इस बदलाव का प्रभावी ढंग से लाभ उठाती हैं, उनके मूल्यांकन और निवेशक की रुचि बढ़ने की संभावना है, क्योंकि प्रीमियम उत्पादों के साथ उच्च मार्जिन जुड़े होते हैं। पहचानी गई कंपनियां विकास के लिए तैयार हैं, लेकिन निवेशकों को अंतर्निहित वित्तीय स्वास्थ्य और कॉर्पोरेट प्रशासन पर भी विचार करना चाहिए।
    रेटिंग: 8/10

शीर्षक: कठिन शब्दों का अर्थ

  • प्रीमियममाइजेशन (Premiumisation): उपभोक्ताओं का उच्च-मूल्य वाले, अधिक प्रीमियम उत्पादों या सेवाओं की ओर बढ़ने का रुझान।
  • सीएजीआर (CAGR - Compounded Annual Growth Rate): एक निर्दिष्ट अवधि में निवेश की औसत वार्षिक वृद्धि दर का माप, यह मानते हुए कि लाभ का पुनर्निवेश किया जाता है।
  • IMFL (Indian-Made Foreign Liquor): भारत में निर्मित मादक पेय जो विदेशी शराब शैलियों की नकल करते हैं।
  • वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth): बेचे गए माल की मात्रा में वृद्धि।
  • वैल्यू ग्रोथ (Value Growth): बिक्री से उत्पन्न राजस्व में वृद्धि, अक्सर मूल्य वृद्धि या उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में बदलाव के कारण।
  • KLPD (Kiloliters Per Day): तरल क्षमता के लिए माप की इकाई, अक्सर डिस्टिलरी और ब्रुअरीज के लिए उपयोग की जाती है।
  • PAT (Profit After Tax): राजस्व से सभी खर्चों और करों को घटाने के बाद बचा हुआ लाभ।
  • RoE (Return on Equity): शेयरधारकों की इक्विटी के संबंध में कंपनी की लाभप्रदता का माप।
  • RoCE (Return on Capital Employed): कंपनी की लाभप्रदता और उसके द्वारा नियोजित पूंजी के कुशल उपयोग का माप।
  • EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization): कंपनी के परिचालन प्रदर्शन का माप।
  • पीईटी बोतलें (PET bottles): हल्के, मजबूत और पारदर्शी प्लास्टिक की बोतलें जो अक्सर पेय पदार्थों के लिए उपयोग की जाती हैं।
  • विनिवेश (Disinvestment): किसी संपत्ति या सहायक कंपनी को बेचने का कार्य।
  • डीमर्जर (Demerger): एक कंपनी का दो या दो से अधिक स्वतंत्र संस्थाओं में पृथक्करण।
  • बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration): कंपनी का उसकी आपूर्ति श्रृंखला के पिछले चरणों में विस्तार (जैसे, एक लिकर कंपनी द्वारा अनाज आपूर्तिकर्ता खरीदना)।
  • वैल्यू चेन (Value Chain): किसी उत्पाद या सेवा को बनाने और वितरित करने में शामिल गतिविधियों की पूरी श्रृंखला।
  • इथेनॉल (Ethanol): एक प्रकार का अल्कोहल, जो अक्सर अनाज या चीनी से उत्पादित होता है, जिसका उपयोग जैव ईंधन या औद्योगिक अनुप्रयोगों में और मादक पेय पदार्थों के आधार के रूप में किया जाता है।
  • सिंगल माल्ट व्हिस्की (Single Malt Whisky): एक एकल डिस्टिलरी में माल्टेड जौ से बनी व्हिस्की।
  • ड्राई जिन (Dry Gin): जिन का एक प्रकार जो प्रमुख जुनिपर स्वाद की विशेषता है और आम तौर पर कम मीठा होता है।
  • एगेव स्पिरिट (Agave Spirit): एगेव पौधे से आसुत स्पिरिट, जैसे टकीला या मेज़कल।

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