India Consumer Spending: FY27 तक धीमी रफ्तार, वैल्यू रिटेल और ज्वैलरी को मिलेगी बढ़त

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AuthorMehul Desai|Published at:
India Consumer Spending: FY27 तक धीमी रफ्तार, वैल्यू रिटेल और ज्वैलरी को मिलेगी बढ़त
Overview

आने वाले समय यानी FY27 तक भारत में कस्टमर का खर्च धीमा पड़ सकता है, जिससे कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बनने की आशंका है। वहीं, वैल्यू रिटेल और ज्वैलरी जैसे सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

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भारत में कंज्यूमर खर्च के ट्रेंड में बड़ा बदलाव

Ambit Institutional Equities की मानें तो अगले कुछ सालों यानी 2026 की शुरुआत तक भारत में डिस्क्रीशनरी कंज्यूमर स्पेंडिंग (विवेकाधीन उपभोक्ता खर्च) में नरमी आ सकती है। इसका सीधा असर डिमांड और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने की उम्मीद है। यह ट्रेंड ग्लोबल पैटर्न से थोड़ा अलग है, क्योंकि आमतौर पर इकोनॉमिक स्लोडाउन के समय ग्लोबल लेवल पर क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स (QSRs) यानी फास्ट फूड चेन अच्छा प्रदर्शन करती हैं। लेकिन भारत में ऐसा नहीं लगता, क्योंकि घर का बना खाना यहां एक सस्ता विकल्प बना हुआ है।

ज्वैलरी और वैल्यू रिटेल की चमक

दूसरी तरफ, ज्वैलरी सेक्टर में अच्छी तेजी की उम्मीद है। शादियों का सीजन और सोने को बचत के एक जरिया के तौर पर देखे जाने की वजह से इसकी डिमांड बढ़ेगी। वहीं, वैल्यू-ओरिएंटेड रिटेल यानी कम कीमत पर सामान बेचने वाले स्टोर भी ग्लोबल ट्रेंड की तरह ही अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। Nykaa और Lenskart जैसी कंपनियां, जो बढ़ते सेक्टर्स और नए सेल्स चैनल्स में काम कर रही हैं, वे अपनी ग्रोथ को बनाए रखने में सफल रहेंगी।

महंगाई का असर और कंपनियों की रणनीति

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रॉ मैटेरियल की लागत बढ़ रही है, जिसका असर अलग-अलग कंपनियों पर अलग-अलग पड़ेगा। कोई कंपनी अपने मार्जिन को कैसे मैनेज कर पाती है, यह उसकी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी, फाइनेंशियल हेल्थ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर निर्भर करेगा।

Trent और Vishal Mega Mart जैसी ग्रोथ-फोकस्ड कंपनियां अपने बड़े स्केल का फायदा उठाकर मार्केट शेयर हासिल करने और मार्जिन की चुनौतियों से निपटने की कोशिश करेंगी। वहीं, Aditya Birla Fashion, V-Mart Retail और Relaxo Footwears जैसी कंपनियां जो मार्जिन के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं, वे कीमतें बढ़ा सकती हैं, जिससे सेल्स वॉल्यूम कम होने का खतरा है। Metro Brands, Page Industries और Aditya Birla Lifestyle जैसे प्रीमियम ब्रांड्स अपनी लागतों को ग्राहक मांग पर ज्यादा असर डाले बिना आगे बढ़ा पाएंगे।

DMart और Nykaa जैसे थर्ड-पार्टी रिटेलर्स इन दबावों से काफी हद तक सुरक्षित हैं। Lenskart की अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ने से भी उसे फायदा मिलेगा। Honasa Consumer कीमतों में एडजस्टमेंट कर सकती है, जबकि Brainbees Solutions (FirstCry) अपनी कम प्रॉफिटेबिलिटी के चलते लागत को सोखने में मुश्किल महसूस कर सकती है।

निवेश की सलाह और सेक्टर का भविष्य

Ambit ने Titan Company, Trent, V-Mart Retail, Nykaa, Metro Brands और Campus Activewear जैसी कंपनियों के लिए 'Buy' रेटिंग की सिफारिश की है। उनकी मानें तो इकोनॉमिक स्लोडाउन के दौरान ये कंपनियां कम वोलेटिलिटी और अच्छी क्वालिटी वाली साबित होंगी। इसके विपरीत, DMart, Page Industries और Urban Company को 'Sell' रेटिंग दी गई है। ब्रोकरेज ने Aditya Birla Fashion and Retail जैसे स्मॉल और मिड-कैप स्टॉक्स पर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

FY26 की चौथी तिमाही में रिकवरी के संकेत मिलने के बावजूद, FY27 में महंगाई और धीमी आर्थिक ग्रोथ की वजह से चुनौतियां बनी रह सकती हैं। हालांकि, Trent, Metro Brands, Honasa Consumer और Campus Activewear को बेस इफेक्ट्स से फायदा मिल सकता है।

Jubilant FoodWorks, Devyani International और Sapphire Foods India जैसी QSR कंपनियों के लिए टारगेट प्राइस 15-17% तक घटा दिए गए हैं। Aditya Birla Fashion और ABLBL के अनुमानों को रेवेन्यू, मार्जिन और कॉस्ट ऑफ इक्विटी बढ़ने की चिंताओं के कारण 25% तक कम किया गया है। कुछ पसंदीदा स्टॉक्स के लिए एनालिस्ट सेंटीमेंट मिले-जुले हैं, लेकिन पॉजिटिव की ओर झुकाव है: Trent के लिए 'Moderate Buy' कंसेंसस है जिसका टारगेट प्राइस ₹4,795.67 है, Metro Brands के लिए 'Buy' कंसेंसस है जिसका एवरेज टारगेट ₹1,198.24 है, और Titan Company के पास ₹5,061.49 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग है। Page Industries के लिए ₹37,936.00 के एवरेज टारगेट प्राइस के साथ 'Neutral' कंसेंसस है।

भारत में रिटेल इन्फ्लेशन इस मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में बढ़कर 5.1% रहने का अनुमान है। इसका मुख्य कारण होलसेल कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर होता रुपया है, जो कंज्यूमर स्पेंडिंग पर और असर डाल सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.