Brandy का बदलेगा अंदाज़! साउथ से निकलकर पूरे इंडिया में 'कूल' बनने की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Brandy का बदलेगा अंदाज़! साउथ से निकलकर पूरे इंडिया में 'कूल' बनने की तैयारी
Overview

साउथ इंडिया में सालों से राज करने वाली Brandy अब अपनी इमेज बदलने की कोशिश कर रही है। शराब बनाने वाली कंपनियां इसे सिर्फ 'घरेलू नुस्खे' वाली ड्रिंक की पहचान से बाहर निकालकर, नए ज़माने के हिसाब से 'कूल' और प्रीमियम बनाने में जुटी हैं। इसका मकसद देश भर में, खासकर युवा ग्राहकों के बीच, अपनी पहुंच बढ़ाना है।

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साउथ का 'हीरो' अब बनेगा देश का 'कूल'

आज के समय में देश की लगभग 98% Brandy साउथ इंडिया में बिकती है, जिसमें तमिलनाडु सबसे आगे है। लेकिन अब कंपनियां इस तस्वीर को बदलने की तैयारी में हैं। सालों से इंडस्ट्री द्वारा नज़रअंदाज़ की जाने वाली Brandy में अब बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट किया जा रहा है। मकसद है, इसे सिर्फ एक ज़रूरत या दवा की तरह देखे जाने से हटाकर, एक 'स्टाइलिश' ड्रिंक के तौर पर पेश करना। यह वैसी ही कोशिश है जैसी Tequila जैसी ड्रिंक्स के साथ करके उन्हें प्रीमियम बनाया गया था।

Brandy की ब्रांडिंग में हो रहा बड़ा बदलाव

### मार्केटिंग की खामोशी को तोड़ने की कोशिश

Tilaknagar Industries के चेयरमैन अमित दहानुकर कहते हैं, "Brandy को लंबे समय तक एक अनदेखी कैटेगरी माना गया। भले ही इसकी बिक्री ज़्यादा थी, पर मार्केटिंग में इसकी आवाज़ बिल्कुल नहीं थी।" ब्रांड पहचान की कमी के चलते, Brandy में वो सेलिब्रेशन, मर्दानगी या 'कूलनेस' वाली फीलिंग नहीं थी जो दूसरी स्पिरिट्स (Spirits) में होती है। अब कंपनियां नई लेबलिंग, स्मूद (Smooth) ब्लेंड्स और नए फ्लेवर्स के ज़रिए एक मज़बूत ब्रांड स्टोरी बनाने पर ज़ोर दे रही हैं।

### साउथ का फ्लेवर, ग्लोबल पहचान

साउथ इंडिया में Brandy को अक्सर व्हिस्की के मुकाबले ज़्यादा स्मूद और कम तीखा माना जाता है। Diageo India के मनीष सेठ मज़ाक में कहते हैं, "साउथ के लिए व्हिस्की ही Brandy है।" यह अनोखी पसंद, जो लोकल कल्चर और फिल्मों में Brandy को एक 'देसी' और 'मर्दाना' इमेज देती है, री-ब्रांडिंग के लिए एक मज़बूत आधार तैयार करती है। ग्लोबल ट्रेंड्स से प्रेरणा लेते हुए, कंपनियां "फ्लेन्डी" (flandy) जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं और ग्राहकों को Brandy की असली कहानी बता रही हैं - कि यह वाइन से बनती है और लकड़ी के बैरल में एज (Age) होती है। इसका मक़सद है इसे एक आम ड्रिंक से उठाकर प्रीमियम ऑप्शन बनाना, ठीक वैसे ही जैसे दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में व्हिस्की की एक खास पहचान है।

बदलते बाज़ार और ग्राहकों की पसंद

### परंपरा से हटकर: नए ग्राहकों के लिए नए ब्लेंड्स

भारतीय स्पिरिट्स मार्केट (Spirits Market) तेज़ी से बदल रहा है। युवा ग्राहक अब अपनी पुरानी पसंद से हटकर नई कैटेगरीज को आज़माने के लिए ज़्यादा तैयार हैं। यह Brandy की नई पोजिशनिंग के लिए एक बेहतरीन मौका है। जहाँ व्हिस्की अपनी 'सोफिस्टिकेटेड' इमेज बनाए हुए है और बीयर कैज़ुअल मौकों पर लोकप्रिय है, वहीं Brandy की पुरानी पहचान (जो शायद ब्रिटिश ज़माने और घरेलू नुस्खों से बनी है) एक गैप छोड़ गई है। इंडस्ट्री अब प्रोडक्ट डेवलपमेंट में भारी निवेश कर रही है, स्मूद ब्लेंड्स और शायद नए फ्लेवर्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि उन युवा ग्राहकों को लुभाया जा सके जो Brandy की पारंपरिक कड़कपन के आदी नहीं हैं।

### चुनौती: पुरानी सोच को बदलना

इन सब कोशिशों के बावजूद, Brandy के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पुरानी, सस्ती और सिर्फ ज़रूरत पूरी करने वाली इमेज को तोड़ना है। जिस वजह से यह कुछ इलाकों में खूब बिकी, उसी वजह से इसकी प्रीमियम अपील कमज़ोर रही। व्हिस्की ने जहाँ सफलतापूर्वक एक 'स्टेटस' और 'सोफिस्टिकेशन' की कहानी गढ़ी है, वहीं Brandy की कहानी ज़्यादातर 'उपयोगिता' और 'परंपरा' की रही है। सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि Brandy, खासकर साउथ से बाहर के ग्राहकों को, दूसरी पुरानी स्पिरिट्स की तरह ही एक प्रीमियम अनुभव दे सकती है। एक मज़बूत और लगातार चलने वाली राष्ट्रीय ब्रांड स्टोरी के बिना, री-ब्रांडिंग के प्रयास अधूरे रह सकते हैं। सिर्फ प्रमोशनल एक्टिविटीज़ (Promotional Activities) शायद दशकों पुरानी सोच को बदलने के लिए काफी न हों, जब तक कि प्रोडक्ट इनोवेशन (Product Innovation) और मार्केटिंग में बड़ा निवेश न किया जाए।

भविष्य की ओर

India की Brandy मार्केट के मेकओवर की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां लगातार क्वालिटी और 'सोफिस्टिकेशन' कैसे डिलीवर करती हैं। कंपनियां ब्लेंडिंग और मार्केटिंग में नएपन के ज़रिए Brandy को एक एक्सेसिबल (Accessible) लेकिन साथ ही एस्पिरेशनल (Aspirational) स्पिरिट के तौर पर स्थापित करने की उम्मीद कर रही हैं। लंबी अवधि की सफलता के लिए ग्राहकों को लगातार जोड़े रखना और Brandy की विरासत व बदलते चरित्र को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से पहुंचाना ज़रूरी होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.