ब्यूटी इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। FY26 में Foxtale और Innovist जैसे नए ब्रांड्स की रेवेन्यू ने रॉकेट की रफ्तार पकड़ी है, जबकि पुराने D2C नाम पिछड़ते दिख रहे हैं। कंज्यूमर अब ट्रेडिशनल कॉस्मेटिक्स की जगह साइंस-बेस्ड प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट में एक बड़ा ट्रांजिशन (Transition) दौर चल रहा है। 'रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज' के FY26 के आंकड़े बताते हैं कि नए जमाने के D2C ब्रांड्स ने पुरानी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है।
नए ब्रांड्स का दबदबा
नए प्लेयर्स अपनी मार्केटिंग और प्रोडक्ट्स को लेकर काफी फोकस्ड हैं। Foxtale ने इस साल ₹383 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल ₹199 करोड़ था। वहीं Innovist का रेवेन्यू तीन गुना बढ़कर ₹686 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, Nykaa समर्थित Dot & Key ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹799 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। ये कंपनियां केवल स्पेसिफिक डर्मेटोलॉजिकल जरूरतों पर ध्यान दे रही हैं, जो इनकी सफलता की बड़ी वजह है।
पुराने खिलाड़ियों के लिए चुनौती
दूसरी ओर, 2010 के दशक में मार्केट लीडर रही पुरानी कंपनियों के लिए यह दौर काफी मुश्किल भरा है। Sugar Cosmetics जैसी ब्रांड्स का रेवेन्यू गिरकर ₹300 करोड़ से ₹350 करोड़ के बीच रह गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इनोवेशन की कमी और बदलते कंज्यूमर टेस्ट को न समझ पाना इन कंपनियों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण अब टियर-2 शहरों में भी ब्रांड्स की पहुंच आसान हो गई है। बड़े लिस्टेड कंज्यूमर ब्रांड्स अब इस चुनौती को भांप चुके हैं और अपनी रणनीति बदल रहे हैं। कुछ बड़ी कंपनियां इन नए ब्रांड्स का अधिग्रहण (Acquisition) कर रही हैं। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या पुराने दिग्गज अपनी पोर्टफोलियो को मॉडर्न बना पाएंगे या वे मार्केट शेयर गंवाते रहेंगे। कुल मिलाकर, प्रॉफिटेबिलिटी ही वह आखिरी पैमाना होगा, जिसे ध्यान में रखना जरूरी है।
