Indian Hotels Share Price: Nomura ने बढ़ाया ₹830 का Target, जानें क्यों?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Hotels Share Price: Nomura ने बढ़ाया ₹830 का Target, जानें क्यों?

Nomura Securities ने Indian Hotels Company Ltd (IHCL) के शेयर के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹830 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में मजबूत मांग का हवाला दिया है।

Detailed Coverage

शेयर में आई तेजी की वजह

Nomura Securities ने Indian Hotels Company Ltd (IHCL) के शेयर पर अपना भरोसा जताते हुए, टारगेट प्राइस को ₹830 तक बढ़ा दिया है। यह फैसला कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के पहले तिमाही (Q1) के शानदार नतीजों के बाद आया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को पार कर सकती है।

दमदार नतीजों ने चौंकाया

IHCL के स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट्स ने सबको चौंका दिया। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 18% बढ़कर ₹1,230 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA में 31% की जोरदार उछाल देखी गई और यह ₹480 करोड़ पर पहुंच गया।

इस शानदार परफॉरमेंस का एक बड़ा कारण 'रेवेन्यू पर उपलब्ध कमरा' (RevPAR) में 14% का इजाफा रहा। यह होटल इंडस्ट्री का एक अहम पैमाना है जो कमरे की औसत कीमत और ऑक्यूपेंसी लेवल को मापता है। कंपनी की ऑक्यूपेंसी रेट 82% रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 76% थी। साथ ही, प्रति रात के कमरे की औसत दर (Average Daily Room Rates) में 6% का इजाफा हुआ।

घरेलू मांग का दम

IHCL की सफलता में लेजर ट्रैवल (Leisure Travel) का बड़ा योगदान रहा। राजस्थान और गोवा जैसे इलाकों में प्रॉपर्टीज़ ने क्रमशः 27% और 29% का रेवेन्यू जम्प दर्ज किया। वहीं, सिटी होटल्स के रेवेन्यू में 12-13% का ग्रोथ देखा गया, जिसका मुख्य कारण कॉर्पोरेट बुकिंग्स और लोकल स्टेकेशंस रहे। Atmantan ब्रांड का सफल इंटीग्रेशन और मैनेजमेंट फीस से बढ़ती आय ने भी कंपनी के मुनाफे को बढ़ाने में मदद की।

ग्लोबल चुनौतियां भी

घरेलू मांग भले ही मजबूत हो, लेकिन कंपनी को कुछ बाहरी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। Nomura ने TajSATS, जो कि कंपनी का एयरलाइन कैटरिंग बिज़नेस है, के EBITDA अनुमानों में थोड़ी कटौती की है। इसका कारण मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव के चलते एयर ट्रैफिक में संभावित कमी को माना जा रहा है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय सब्सिडियरीज़ में भी प्रॉफिट मार्जिन में धीमी बढ़ोतरी देखी जा रही है। ये ग्लोबल फैक्टर्स घरेलू बिजनेस में हुई बढ़ोतरी पर असर डाल सकते हैं, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।

IHCL मैनेजमेंट का भरोसा है कि मजबूत घरेलू मांग दूसरी तिमाही में भी जारी रहेगी। Nomura का अनुमान है कि कंपनी FY27 के लिए 12-14% के रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य को पार कर सकती है, और स्टैंडअलोन बिजनेस में 15% तक की ग्रोथ हासिल कर सकती है।

निवेशकों के लिए, आने वाले समय में ऑक्यूपेंसी रेट्स की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस पर पड़ने वाले दबाव को समझना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.