Q1 FY27 में भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। घरेलू पर्यटन की मांग के दम पर सेक्टर का RevPAR **10%** बढ़ गया है। IHCL और EIH जैसे दिग्गज शेयरों ने भी शानदार नतीजे पेश किए हैं, हालांकि बढ़ते यूटिलिटी खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
मुनाफे के पीछे का सच
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही भारतीय होटल कंपनियों के लिए काफी मजबूत रही है। ग्लोबल लेवल पर चल रहे तनाव और वेस्ट एशिया के संकट के कारण इंटरनेशनल टूरिस्टों की संख्या में गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन भारतीय घरेलू यात्रियों ने इस कमी को पूरी तरह भर दिया। होटल सेक्टर का प्रमुख पैमाना, यानी रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (RevPAR) में साल-दर-साल 10% का इजाफा दर्ज किया गया है।
दिग्गज कंपनियों का जलवा
मार्केट लीडर IHCL (इंडियन होटल्स कंपनी) ने इस तिमाही में ₹2,419 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) भी 21% बढ़कर ₹358 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, EIH लिमिटेड ने भी 14.5% की ग्रोथ के साथ ₹657 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। खासकर राजस्थान और गोवा जैसे लक्जरी डेस्टिनेशंस पर ऑक्यूपेंसी काफी बेहतर रही है।
मार्जिन पर दबाव और आगे का रास्ता
भले ही रेवेन्यू बढ़ रहा हो, लेकिन क्रूड ऑयल और एनर्जी के महंगे होने से कंपनियों का यूटिलिटी खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा, मार्केटिंग पर ज्यादा खर्च और बढ़ते ब्याज का असर मुनाफे के मार्जिन (Bottom-line) पर दिख रहा है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 7-9% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है। हालांकि, निवेशकों को नजर रखनी होगी कि कंपनियां बढ़ती लागतों को कैसे मैनेज करती हैं और क्या घरेलू मांग साल के बाकी हिस्सों में भी इसी रफ्तार से बनी रहती है।
