FMCG Sector: महंगाई की मार! Q2 2026 में FMCG सेक्टर में **2%** की गिरावट, ग्रामीण इलाकों में हाहाकार

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AuthorMehul Desai|Published at:
FMCG Sector: महंगाई की मार! Q2 2026 में FMCG सेक्टर में **2%** की गिरावट, ग्रामीण इलाकों में हाहाकार

भारतीय FMCG इंडस्ट्री के लिए Q2 2026 निराशाजनक रहा है। महंगाई और गिरती ग्रामीण आय के चलते सेक्टर के वॉल्यूम में **2%** की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि ई-कॉमर्स और मॉडर्न ट्रेड में बढ़त दिखी है, लेकिन पारंपरिक किराना स्टोर्स पर इसका बुरा असर पड़ा है।

भारत के फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर के लिए दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। डेटा के मुताबिक, 68% प्रोडक्ट कैटेगरी में गिरावट आई है, जिसका असर अब सिर्फ लग्जरी सामानों तक सीमित नहीं रहकर रोजमर्रा की चीजों (स्टेपल फूड और पर्सनल केयर) तक पहुंच गया है।

महंगाई और मार्जिन का दबाव

जून 2026 तक होलसेल प्राइस इन्फ्लेशन 9.9% के स्तर पर पहुंच गई और कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार निकल गईं। लागत बढ़ने से कंपनियों ने दाम बढ़ाए, जिसका असर ₹5 और ₹10 के एंट्री-लेवल प्रोडक्ट्स की मांग पर पड़ा है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनियां मार्जिन कैसे बचाएंगी?

ग्रामीण इलाकों में भारी सुस्ती

ग्रामीण भारत, जो FMCG की ग्रोथ का इंजन माना जाता है, वहां वॉल्यूम में 5% की गिरावट आई है। जून में 40% बारिश की कमी के कारण कृषि आय पर बुरा असर पड़ा है, जिसका सबसे ज्यादा दबाव उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में देखा जा रहा है। इसके उलट, शहरी मेट्रो शहरों में 0.1% की मामूली ग्रोथ देखने को मिली है।

रिटेल चैनलों में बड़ा बदलाव

खरीदारी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। बाजार के 82% हिस्से पर कब्जा रखने वाले पारंपरिक किराना स्टोर्स का वॉल्यूम 6% घट गया है। वहीं, मॉडर्न ट्रेड में 17.5% और ई-कॉमर्स में 34.8% की जबरदस्त उछाल आई है। क्विक कॉमर्स का दबदबा ऐसा है कि डार्क स्टोर्स का फुटप्रिंट 48% बढ़ गया है।

निवेशकों के लिए राय

बाजार में 'फ्लाईट टू क्वालिटी' (अच्छे ब्रांड्स की ओर झुकाव) दिख रहा है। छोटे मैन्युफैक्चरर्स के मुकाबले दिग्गज कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर है। आने वाले समय में मॉनसून की प्रगति, ग्रामीण वेतन में बढ़ोतरी और कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता ही सेक्टर की अगली चाल तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.