Edible Oil Sector: रिफाइनिंग कंपनियां करेंगी **₹1,800 करोड़** का निवेश, कैपेसिटी बढ़ाएगी **10%**

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AuthorNeha Patil|Published at:
Edible Oil Sector: रिफाइनिंग कंपनियां करेंगी **₹1,800 करोड़** का निवेश, कैपेसिटी बढ़ाएगी **10%**

सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती के बावजूद भारतीय एडिबल ऑयल रिफाइनर्स का आउटलुक मजबूत है। कंपनियों को FY27 में **10-12%** रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है और वे अपनी रिफाइनिंग कैपेसिटी में **10%** का इजाफा करने जा रही हैं।

सरकारी स्तर पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती और रिटेल महंगाई को काबू करने की कोशिशों के बीच भारतीय एडिबल ऑयल रिफाइनिंग कंपनियां अपने बिजनेस को विस्तार देने की तैयारी में हैं। कंपनियां चालू फाइनेंशियल ईयर में 10-12% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही हैं।

ग्रोथ का गणित

इंपोर्ट ड्यूटी घटने से कंपनियों के प्रति यूनिट रेवेन्यू (Realization) में 5-6% की गिरावट की आशंका है, लेकिन इसका असर वॉल्यूम ग्रोथ से कवर हो जाएगा। देश में खाने के तेल की मांग में 3% की बढ़त की उम्मीद है, जिससे कुल कंजम्पशन 26.5 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचने का अनुमान है।

मार्जिन और मुनाफे पर फोकस

शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि इंडस्ट्री का मार्जिन 3.4% से 3.6% के बीच रहने का अनुमान है। कंपनियों का EBITDA प्रति टन ₹3,850 से ₹3,950 के दायरे में है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल बायोडीजल डिमांड पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।

₹1,800 करोड़ का बड़ा दांव

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिफाइनर्स ₹1,800 करोड़ का भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट करने जा रहे हैं। खास बात यह है कि कंपनियां इस विस्तार के लिए भारी कर्ज लेने के बजाय अपने इंटरनल कैश रिजर्व का इस्तेमाल कर रही हैं, जो बैलेंस शीट को सुरक्षित रखेगा। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या उम्मीद के मुताबिक वॉल्यूम ग्रोथ हासिल होती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.