भारत के अर्बन हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 'ब्लीजर' (Bleisure) ट्रेंड के चलते वीकेंड पर जबरदस्त डिमांड देखी जा रही है। साल 2026 के पहले आठ महीनों में वीकेंड ऑक्यूपेंसी **67%** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे होटल ऑपरेटरों को बेहतर रेट्स मिल रहे हैं।
बदल रही है मेहमानों की पसंद
भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अब ग्राहकों का व्यवहार तेजी से बदल रहा है। पहले जो होटल सिर्फ वीकडेज पर फुल रहते थे, वहां अब वीकेंड पर भी भारी भीड़ दिख रही है। साल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे देश में शुक्रवार और शनिवार की ऑक्यूपेंसी 67% दर्ज की गई है। मुंबई जैसे शहरों में यह आंकड़ा 77.2% और दिल्ली में 77.4% तक पहुंच गया है।
'ब्लीजर' का असर
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण 'ब्लीजर' (Business + Leisure) ट्रेंड है। अब बिजनेस ट्रिप पर आए लोग अपनी यात्रा को वीकेंड तक बढ़ा रहे हैं। इसका सीधा असर होटल कंपनियों की कमाई पर दिख रहा है:
- Ibis और Ibis Styles: इन होटलों की वीकेंड ऑक्यूपेंसी में 5-7% का उछाल आया है, जबकि एवरेज डेली रेट्स 16-18% तक बढ़ गए हैं।
- Sayaji Hotels: कंपनी के रिवेन्यू पर अवेलेबल रूम (RevPAR) में सालाना आधार पर 9.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
ICRA के मुताबिक, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर 2026-27 फाइनेंशियल ईयर में 7-9% की दर से बढ़ सकता है, लेकिन अभी भी कुछ रिस्क बरकरार हैं। बढ़ती लेबर और एनर्जी कॉस्ट के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है। हालांकि, वीकेंड की डिमांड से कंपनियों को एक अच्छा 'बफर' मिल रहा है, लेकिन भविष्य में यह ग्रोथ कॉर्पोरेट बजट और इकोनॉमिक कंडीशंस पर भी निर्भर करेगी।
