भारतीय शराब कंपनियों का प्रीमियम दांव फेल? आम बाज़ार में बिक्री घटी!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
भारतीय शराब कंपनियों का प्रीमियम दांव फेल? आम बाज़ार में बिक्री घटी!
Overview

भारत की बड़ी शराब कंपनियों के लोकप्रिय और इकोनॉमी सेगमेंट में बिक्री सुस्त पड़ गई है, भले ही वे प्रीमियम बिक्री पर ज़ोर दे रही हैं। United Spirits और Allied Blenders and Distillers ने अपने मुख्य ब्रांड्स की बिक्री में गिरावट या स्थिरता दर्ज की है। यह सवाल उठाता है कि क्या सिर्फ प्रीमियम उत्पादों पर निर्भर रहना ग्रोथ के लिए काफी है और बाज़ार हिस्सेदारी खोने का खतरा है।

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आम बाज़ार में वॉल्यूम में गिरावट

भारत की अग्रणी अल्कोहलिक बेवरेज (Alcobev) कंपनियां अपने मास (Mass) और इकोनॉमी (Economy) सेगमेंट वाले उत्पादों में बड़ी मंदी का सामना कर रही हैं। प्रमुख कंपनी United Spirits ने मार्च तिमाही में अपने लोकप्रिय ब्रांडेड उत्पादों की बिक्री में 16% की गिरावट देखी, जबकि पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए यह 3.5% कम रही। Allied Blenders and Distillers ने भी इसी तिमाही में अपने ऑफिसर'स चॉइस (Officer's Choice) व्हिस्की के मास प्रीमियम सेगमेंट में फ्लैट वॉल्यूम और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए 4% की गिरावट दर्ज की है।

प्रीमियम सेपरेशन स्ट्रैटेजी को चुनौतियां

कंपनियों ने कमाई बढ़ाने के लिए प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया है, लेकिन ऐसा लगता है कि इस रणनीति की अपनी सीमाएं हैं। केवल ऊंची कीमत वाली वस्तुओं पर निर्भर रहना लगातार ग्रोथ के लिए काफी नहीं है। मास-मार्केट सेगमेंट का खराब प्रदर्शन अब समग्र ग्रोथ को प्रभावित कर रहा है।

प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति के बावजूद, United Spirits ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए केवल 1.5% की मामूली वॉल्यूम ग्रोथ देखी। इसके Prestige और उससे ऊपर के कैटेगरी उत्पादों में केवल 2.6% की ग्रोथ दर्ज की गई, जिससे पता चलता है कि प्रीमियम सेगमेंट भी तेज़ी से नहीं बढ़ रहा है। किंगफिशर (Kingfisher) बीयर के लिए जानी जाने वाली United Breweries ने FY26 के लिए 3% की कुल वॉल्यूम ग्रोथ बताई, भले ही प्रीमियम पेशकशों में बिक्री मजबूत रही हो।

रेगुलेटरी मुद्दे और प्रतिस्पर्धा

महाराष्ट्र जैसे राज्यों में प्रतिकूल रेगुलेटरी बदलावों ने United Spirits के प्रदर्शन को प्रभावित किया है। हालांकि भारत के विविध बाज़ार में ऐसे बदलाव आम हैं, लेकिन कंपनी को आंध्र प्रदेश के बाज़ार के फिर से खुलने का फायदा मिला। हालांकि, क्षेत्रीय ब्रांडों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण United Spirits ने अपने लोकप्रिय उत्पाद कैटेगरी में बाज़ार हिस्सेदारी खो दी है।

इन मुद्दों को पहचानते हुए, United Spirits एक बार फिर अपने लोकप्रिय सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Nomura के विश्लेषकों ने नोट किया कि छह तिमाहियों तक बाज़ार हिस्सेदारी खोने के बाद, कंपनी अपने कम Prestige वाले उत्पादों, जैसे McDowell's, को नए लिक्विड, डिज़ाइन और फॉर्मेट के साथ अपडेट कर रही है ताकि उन्हें और आकर्षक बनाया जा सके।

Radico Khaitan का अलग ट्रेंड

आम ट्रेंड के विपरीत, Radico Khaitan ने अपने रेगुलर ब्रांड्स के कारोबार को सफलतापूर्वक बढ़ाया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए रेगुलर ब्रांड वॉल्यूम में 31% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की, हालांकि मार्च तिमाही में उसकी बिक्री 10% गिर गई थी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.