Indian Tech Market: बजट मॉडल्स गायब, प्रीमियम गैजेट्स पर कंपनियों का दांव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Tech Market: बजट मॉडल्स गायब, प्रीमियम गैजेट्स पर कंपनियों का दांव

भारत का कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर अब बजट फ्रेंडली के बजाय प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहा है। स्मार्टफोन और लैपटॉप कंपनियां मुनाफे को बढ़ाने के लिए महंगे मॉडल्स को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे एंट्री-लेवल डिवाइस मिलना मुश्किल हो गया है।

जुलाई-सितंबर तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में विकल्पों का दायरा सिमट गया है। कुल नए प्रोडक्ट वेरिएंट्स भले ही 257 पर स्थिर हैं, लेकिन यूनिक मॉडल्स की संख्या 153 से गिरकर 144 रह गई है। कंपनियां अब कम प्रोडक्ट्स के कई वेरिएंट्स बाजार में उतार रही हैं, ताकि वे प्रीमियम सेगमेंट पर कब्जा कर सकें।

स्मार्टफोन में प्रीमियम का दबदबा

स्मार्टफोन की बेस-कॉन्फ़िगरेशन की लॉन्च कीमतों में साल-दर-साल 14% की बढ़ोतरी हुई है। अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट—यानी ₹1 लाख से ऊपर के फोन्स—की बात करें, तो इस तिमाही में 26 नए वेरिएंट्स लॉन्च हुए, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह संख्या मात्र 5 थी। निवेशक इसे मार्जिन बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं, लेकिन भारत जैसे संवेदनशील बाजार में इससे वॉल्यूम ग्रोथ को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

लैपटॉप और टीवी मार्केट का हाल

लैपटॉप सेगमेंट में तो प्रीमियम होड़ और भी ज्यादा है। कुल नए लैपटॉप रिलीज में से आधे से ज्यादा ₹1.5 लाख से अधिक कीमत के हैं। मिड-रेंज (₹50,000 - ₹75,000) ऑप्शंस के नए वेरिएंट्स केवल 3 ही रह गए हैं। वहीं, लैपटॉप बाजार में ब्रांड्स की संख्या 13 से घटकर 8 रह गई है, जिसमें Asus जैसी कंपनियों का काफी प्रभाव है।

टीवी सेगमेंट में भी LG जैसी कंपनियां OLED और महंगे डिस्प्ले पर फोकस कर रही हैं। सबसे बड़ा रिस्क यह है कि ₹10,000 के नीचे के स्मार्टफोन और ₹30,000 से सस्ते टीवी मॉडल अब मार्केट में कम होते जा रहे हैं। यदि कंपनियों की यह 'प्रीमियम-फर्स्ट' रणनीति सफल नहीं होती है, तो भारतीय बाजार के बड़े और बजट-सचेत ग्राहक वर्ग के खोने का खतरा बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.