India TV Market: खर्चे बढ़े, पर EMI ने थामी बड़ी स्क्रीन की डिमांड!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India TV Market: खर्चे बढ़े, पर EMI ने थामी बड़ी स्क्रीन की डिमांड!
Overview

भारत का टीवी सेक्टर प्रोडक्शन कॉस्ट्स में बड़ा उछाल झेल रहा है। महंगे मेमोरी चिप्स, रॉ मटेरियल और शिपिंग के साथ-साथ गिरता रुपया इस चुनौती को और बढ़ा रहा है, जिससे रिटेल कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि, EMI (Easy Monthly Installment) स्कीम्स बड़े और प्रीमियम स्क्रीन वाले टीवी की बिक्री को सहारा दे रही हैं।

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टीवी की प्रोडक्शन कॉस्ट्स में भारी बढ़ोतरी

भारतीय टीवी मार्केट इन दिनों प्रोडक्शन कॉस्ट्स में तेज बढ़ोतरी का सामना कर रहा है। मेमोरी चिप्स, प्लास्टिक और ओशन शिपिंग जैसी चीजों के दाम बढ़ने के साथ-साथ मध्य-पूर्व में जारी तनाव और कमजोर होते रुपये ने इंपोर्टेड पार्ट्स की लागत को और बढ़ा दिया है। इसके चलते, एंट्री-लेवल 32-इंच टीवी की कीमतों में लगभग ₹2,000 का इजाफा हुआ है, और ये अब करीब ₹11,000 में मिल रहे हैं।

SPPL, जो Thomson, Kodak, और Blaupunkt जैसे ब्रांड्स को मैनेज करती है, के CEO ने कहा कि बढ़ती लागतों के चलते ग्रोथ का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। कुछ ग्राहक अब छोटे स्क्रीन साइज वाले टीवी की ओर जा रहे हैं, जैसे कि 55-इंच की जगह 50-इंच मॉडल लेना।

EMI स्कीम्स की मदद से बड़े स्क्रीन की बिक्री जारी

इन सब चुनौतियों के बीच, फाइनेंसिंग ऑप्शन (EMI) ग्राहकों को बड़ी और प्रीमियम स्क्रीन वाले टीवी खरीदने में मदद कर रहे हैं। Haier India के प्रेसिडेंट के मुताबिक, उनके 50% बिजनेस EMI प्लान्स से आता है। इससे ग्राहकों के लिए बढ़ी हुई कीमतों का बोझ कम हो जाता है, क्योंकि अतिरिक्त ₹5,000 की लागत EMI में सिर्फ कुछ रुपये जोड़ती है।

छोटे अवधि में शिपमेंट्स घटने का अनुमान

बाजार विश्लेषकों को उम्मीद है कि इन लागत दबावों के चलते भारतीय टीवी मार्केट में छोटी अवधि में थोड़ी गिरावट आ सकती है। Counterpoint Research का अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही में शिपमेंट्स 5-6% और दूसरी तिमाही में 3-5% तक कम हो सकते हैं।

प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस

Samsung जैसी कंपनियां, जो अपनी सप्लाई चेन को बेहतर ढंग से कंट्रोल करती हैं, इन लागत दबावों से निपटने में बेहतर स्थिति में हैं। Samsung India प्रीमियम स्ट्रेटेजी पर कायम है, जबकि LG इंडिया अपने OLED और QLED टेक्नोलॉजी के जरिए प्रीमियम बायर्स को टारगेट कर रही है। दोनों कंपनियां EMI की मदद से महंगे यूनिट्स की बिक्री बढ़ा रही हैं।

लॉन्ग-टर्म में, भारतीय टीवी मार्केट बड़े स्क्रीन साइज (55-इंच और उससे ऊपर) की ओर बढ़ रहा है। ग्राहक भले ही अपने मौजूदा टीवी को लंबे समय तक इस्तेमाल करें, लेकिन जब वे अपग्रेड करते हैं, तो बड़े स्क्रीन को प्राथमिकता देते हैं।

बाजार के जोखिम

हालांकि, बाजार अभी भी कई जोखिमों का सामना कर रहा है। इंपोर्टेड पार्ट्स पर निर्भरता, कमजोर रुपया, मध्य-पूर्व की अस्थिरता से सप्लाई चेन में बाधा और शिपिंग कॉस्ट्स में बढ़ोतरी मुख्य चिंताएं हैं। इसके अलावा, बढ़ती महंगाई और संभावित इंटरेस्ट रेट हाइक्स भी कंज्यूमर की खर्च करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। 2026 के अंत तक किसी भी रिकवरी के लिए स्थिर आर्थिक माहौल और ग्लोबल सप्लाई चेन के सुधरने की उम्मीद है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.