सितंबर 2026 में भारत की रिटेल सेल्स में साल-दर-साल **8%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फूड, अपैरल और रेस्टोरेंट्स में दिखी जबरदस्त मांग ने इस ग्रोथ को रफ्तार दी है, हालांकि अगस्त के **10%** के मुकाबले यह आंकड़ा थोड़ा धीमा है।
Retailers Association of India (RAI) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कंजम्पशन ट्रेंड काफी व्यापक रहा है। त्यौहारों के मुख्य सीजन के शुरू होने से पहले ही रिटेल सेक्टर के लगभग सभी सेगमेंट में खरीदारी देखी गई।
किस सेक्टर में रही कितनी तेजी?
- क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट्स: इसमें सबसे ज्यादा 11% की ग्रोथ दर्ज की गई।
- फूड, ग्रॉसरी और अपैरल: इन तीनों सेक्टर में 9% की बढ़ोतरी देखने को मिली।
- ब्यूटी, पर्सनल केयर और इलेक्ट्रॉनिक्स: यहाँ 7% का उछाल आया।
- फुटवियर: इसमें 5% की मामूली बढ़ोतरी रही।
- ज्वेलरी और स्पोर्ट्स गुड्स: इन सेगमेंट ने 6% की ग्रोथ दर्ज की।
रीजनल परफॉर्मेंस (Regional Performance)
रिटेल खर्च का दायरा पूरे देश में फैला हुआ है। वेस्टर्न इंडिया ने 10% की ग्रोथ के साथ बाजी मारी, जबकि साउथ इंडिया 9%, नॉर्थ इंडिया 7% और ईस्टर्न इंडिया 5% ग्रोथ के साथ पीछे रहा।
क्यों अहम हैं ये आंकड़े?
इस बार फेस्टिव कैलेंडर में बदलाव के कारण सितंबर की सेल्स काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पिछले साल नवरात्रि की खरीदारी सितंबर में ही शुरू हो गई थी, जबकि इस साल मुख्य त्यौहार अक्टूबर और नवंबर में पड़ रहे हैं। इसीलिए सितंबर की 8% की ग्रोथ मुख्य रूप से 'प्री-फेस्टिव' खरीदारी का संकेत है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स इस बात पर पैनी नजर रखे हुए हैं कि क्या यह गिरावट कंज्यूमर सेंटीमेंट में सावधानी का संकेत है या सिर्फ कैलेंडर का असर। अब सभी की निगाहें दिवाली सीजन के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि खरीदारी का जोश बरकरार है या नहीं।
