Gem & Jewellery Exports: भारत का जलवा बरकरार! 'Studded Gold' की मांग से निर्यात में **9.4%** की उछाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gem & Jewellery Exports: भारत का जलवा बरकरार! 'Studded Gold' की मांग से निर्यात में **9.4%** की उछाल

सितंबर 2026 में भारत का जेम और ज्वैलरी निर्यात बढ़कर **$2.95 बिलियन** के पार पहुंच गया है। सोने की रिकॉर्ड कीमतों के बीच 'स्टडेड गोल्ड ज्वैलरी' (studded gold jewellery) की जबरदस्त मांग ने इस **9.43%** की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।

सितंबर 2026 में भारतीय जेम और ज्वैलरी सेक्टर ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी मजबूती दिखाई है। $2.95 बिलियन के कुल शिपमेंट के साथ, यह इंडस्ट्री कंज्यूमर प्रेफरेंस में हो रहे बड़े बदलाव को दर्शा रही है।\n\n### स्टडेड ज्वैलरी का दबदबा\nइस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह स्टडेड (जड़ाऊ) गोल्ड ज्वैलरी रही, जिसके एक्सपोर्ट में अकेले सितंबर महीने में 50% से ज्यादा का उछाल आया है। Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसे दिग्गज प्लेयर्स अब अपना ध्यान साधारण गोल्ड से हटाकर हाई-वैल्यू और डिजाइन-केंद्रित कलेक्शन पर लगा रहे हैं। यह रणनीति सोने के ऊंचे दामों के बावजूद ग्राहकों को लुभाने में कामयाब रही है।\n\n### डायमंड सेक्टर में बड़ा बदलाव\nडायमंड ट्रेड अब एक नए दौर से गुजर रहा है। नेचुरल डायमंड्स की मांग में सुस्ती है, जबकि लैब-ग्रोन डायमंड्स (lab-grown diamonds) का एक्सपोर्ट अब नेचुरल हीरों से आगे निकल गया है। हालांकि, लैब-ग्रोन मार्केट में कीमतों में करेक्शन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है खास?\nनिवेशकों को अब उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो अपनी इन्वेंट्री को स्टडेड और हल्के वजन वाले गहनों की ओर शिफ्ट कर चुकी हैं। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत आने वाले समय में चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। भारत का लक्ष्य 2040 तक $100 बिलियन का एक्सपोर्ट हब बनने का है, लेकिन फिलहाल मार्जिन मैनेजमेंट ही इस सेक्टर की असली परीक्षा होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.