त्योहारी सीजन में भारतीय उपभोक्ता अब AI असिस्टेंट्स का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका सीधा असर एवरेज ट्रांजेक्शन वैल्यू पर दिखा है, जो **46%** बढ़कर **₹24,020** के स्तर पर पहुंच गई है। Flipkart और Myntra जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए यह एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
प्रीमियम खरीदारी की ओर बढ़ते कदम
इस साल फेस्टिव सीजन में भारतीयों के खरीदारी करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। डेटा के अनुसार, एवरेज ट्रांजेक्शन वैल्यू पिछले साल के ₹16,500 के मुकाबले बढ़कर अब ₹24,020 हो गई है। यह 46% की जबरदस्त ग्रोथ इशारा करती है कि कंज्यूमर्स अब प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ज्यादा खर्च करना पसंद कर रहे हैं।
एजेंटिक कॉमर्स का दौर (Agentic Commerce)
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर 'एजेंटिक कॉमर्स' का उदय है। अब AI सिर्फ प्रोडक्ट नहीं दिखाता, बल्कि पूरी खरीदारी प्रक्रिया में एक गाइड की तरह काम करता है। Flipkart, Myntra, Bigbasket, Ajio और Firstcry जैसी दिग्गज कंपनियां इस नई टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं। इनका लक्ष्य सिर्फ ब्राउजिंग नहीं, बल्कि यूजर से महंगी खरीदारी कराना है, जिससे रेवेन्यू पर यूजर में इजाफा हो सके।
टियर-2 शहरों का दम
दिलचस्प बात यह है कि अब केवल मेट्रो शहरों तक ही सीमित नहीं, बल्कि टियर-2 शहरों के कंज्यूमर्स का बजट भी बड़े शहरों के बराबर आ गया है। वहीं, मिलेनियल्स (Millennials) AI-लेड शॉपिंग रिकमेंडेशन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले वर्ग के रूप में उभरे हैं।
मुनाफा बनाम लागत
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह AI-आधारित स्ट्रैटेजी कंपनी के मुनाफे में बदल पाती है। कंपनियों का टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च हो रहा है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बढ़ी हुई सेल्स वॉल्यूम इस भारी-भरकम टेक्नोलॉजी खर्च को संतुलित कर पाएगी।
