Edible Oil Duty Cut: खाने के तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी कम, FMCG कंपनियों के मुनाफे में होगा बड़ा उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Edible Oil Duty Cut: खाने के तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी कम, FMCG कंपनियों के मुनाफे में होगा बड़ा उछाल

सरकार ने पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा दी है। इससे स्नैक्स बनाने वाली कंपनियों की लागत में **4% से 9%** तक की गिरावट आएगी, जिससे कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

भारत सरकार ने 24 सितंबर से खाद्य तेलों पर इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती की है। इस फैसले के बाद सनफ्लावर ऑयल पर प्रभावी ड्यूटी दर घटकर करीब 5.5% रह गई है। जानकारों का मानना है कि इससे स्नैक्स बनाने वाली कंपनियों की रॉ मटीरियल लागत में 4% से 9% की कमी आएगी।

रिटेल दाम कम होंगे या नहीं?

निवेशकों के मन में बड़ा सवाल है कि क्या इसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा? अक्सर छोटी कीमत वाले पैकेटों (जैसे ₹5 और ₹10 वाले पैक) में कंपनियां 'श्रिंकफ्लेशन' का सहारा लेती हैं। अभी के रुझानों को देखें, तो कंपनियां कीमतें घटाने के बजाय अपने मार्जिन को फिर से खड़ा करने पर ध्यान दे रही हैं। Bikaji Foods जैसी कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि वे फेस्टिव सीजन के दौरान रिटेल कीमतें स्थिर रखेंगी ताकि मुनाफा सुधारा जा सके।

अलग-अलग कंपनियों पर अलग असर

यह राहत सभी के लिए बराबर नहीं होगी। Britannia और ITC जैसी कंपनियों के इनपुट कॉस्ट में गिरावट आएगी, जिससे उन्हें फायदा होगा। वहीं, Hindustan Unilever जैसे बड़े प्लेयर्स, जिनके पोर्टफोलियो में पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स ज्यादा हैं, उन पर इसका असर सीमित रह सकता है क्योंकि उनका रॉ मटीरियल मिक्स अलग है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

दिवाली का मौका मांग बढ़ाने वाला होता है। अब देखना यह है कि कंपनियां इस बचत का इस्तेमाल विज्ञापन और प्रमोशन में करती हैं या सीधे मुनाफे में जोड़ती हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Results) पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अगर ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें फिर से बढ़ीं, तो ड्यूटी कट का यह फायदा खत्म भी हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.