कस्टम ड्यूटी में बदलाव: उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?
यूनियन बजट 2026-27 में सरकार ने कस्टम ड्यूटी (Customs Duty) में कई अहम बदलाव किए हैं, जिससे इंपोर्टेड (Imported) सामानों की कीमतों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। आम उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि पर्सनल इस्तेमाल के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले सामानों पर कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। इससे विदेश से खरीदी जाने वाली कई चीजें, जैसे कि लग्जरी एक्सेसरीज या कुछ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, अब सस्ती हो सकती हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और लग्जरी आइटम्स पर मिलाजुला असर
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में स्थिति थोड़ी मिलीजुली रहेगी। वीडियो गेम कंसोल के पार्ट्स पर ड्यूटी बढ़ने की वजह से Sony PlayStation PS5 जैसी डिवाइसेस की कीमत ₹50,000 से बढ़कर करीब ₹53,000 तक पहुंच सकती है। वहीं, दूसरी तरफ, पर्सनल यूज के लिए लैपटॉप पर पहले लगने वाली 35% कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इससे MacBook Pro 14 जैसे हाई-एंड लैपटॉप्स पर लगभग ₹45,000 तक की बचत हो सकती है। लेकिन, Kindle ई-रीडर जैसे प्रोडक्ट्स के कंपोनेंट्स पर ड्यूटी बढ़ने से इनकी कीमत करीब ₹1,200 तक बढ़ सकती है।
हेल्थकेयर को बड़ी राहत, दवाओं पर ड्यूटी माफ
स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) के क्षेत्र में सरकार ने बड़ी राहत दी है। 17 नई कैंसर दवाओं को कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट दे दी गई है। इसका सीधा मतलब है कि इन दवाओं की कीमतें काफी कम हो जाएंगी। उदाहरण के लिए, लिवर कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Tremelimumab जैसी दवा की कीमत ₹2,60,000 तक कम हो सकती है।
कंज्यूमर गुड्स और घरेलू उपकरणों में बदलाव
पर्सनल इंपोर्ट वाले सोने के गहनों पर ड्यूटी-फ्री अलाउंस (Duty-Free Allowance) बढ़ाया गया है, जिससे 40 ग्राम की चेन खरीदने पर करीब ₹35,000 की बचत संभव है। घरेलू उपकरणों की बात करें तो, Panasonic माइक्रोवेव ओवन के कुछ कंपोनेंट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (Basic Customs Duty) 20% से घटाकर शून्य कर दी गई है। इससे माइक्रोवेव की कीमत में लगभग ₹1,000 की कमी आ सकती है। वहीं, दूसरी तरफ, बड़ों के लिए डायपर बनाने वाले मैटेरियल पर ड्यूटी बढ़ने की वजह से एक पैकेट की कीमत ₹20 तक बढ़ सकती है।
ओवरऑल रणनीति: डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग और अफोर्डेबिलिटी
कुल मिलाकर, इस बजट का मुख्य उद्देश्य डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग (Domestic Manufacturing) को बढ़ावा देना और साथ ही जरूरी सेक्टर्स में चीजों को आम आदमी के लिए अफोर्डेबल (Affordable) बनाए रखना है। सरकार का यह कदम इंपोर्ट ड्यूटी स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, स्थानीय उद्योगों को सपोर्ट करने और हेल्थकेयर जैसे अहम क्षेत्रों में लक्षित राहत पहुंचाने पर केंद्रित है।