भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने अगरबत्ती के लिए एक महत्वपूर्ण नया भारतीय मानक घोषित किया है। यह मानक कड़े गुणवत्ता मानदंड पेश करता है और विशेष रूप से कुछ खतरनाक पदार्थों के उपयोग को प्रतिबंधित करता है, जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख अगरबत्ती उद्योग के भीतर उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाना और जिम्मेदार विनिर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देना है। नए मानक में एलेक्ट्रिन, परमेथ्रिन जैसे कीटनाशक रसायनों और बेंज़िल साइनाइड, एथिल एक्रिलेट जैसे सिंथेटिक सुगंध मध्यवर्ती का उपयोग निषिद्ध है। इन रसायनों को इनडोर वायु गुणवत्ता, एलर्जी प्रतिक्रियाओं और तंत्रिका संबंधी प्रभावों पर चिंताओं के कारण कई अन्य देशों में प्रतिबंधित किया गया है। ₹8,000 करोड़ की भारतीय अगरबत्ती उद्योग, जो ₹1,200 करोड़ का निर्यात करता है, के लिए यह एक बड़ा कदम है। यह मानक उपभोक्ताओं को सूचित विकल्प चुनने में सशक्त करेगा और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा।
अगरबत्ती के लिए नए सुरक्षा नियम: स्वास्थ्य और वैश्विक बाजारों के लिए भारत ने जहरीले रसायनों पर लगाया प्रतिबंध!
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भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने अगरबत्ती (incense sticks) के लिए एक नया भारतीय मानक पेश किया है, जिसमें कुछ हानिकारक पदार्थों जैसे कीटनाशक रसायनों (insecticidal chemicals) और सिंथेटिक सुगंध मध्यवर्ती (synthetic fragrance intermediates) के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित उत्पाद सुनिश्चित करना, इनडोर वायु गुणवत्ता की रक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा अपेक्षाओं के अनुरूप होना है। भारत, जो अगरबत्ती का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है, उम्मीद करता है कि यह मानक उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाएगा, पारंपरिक कारीगरों का समर्थन करेगा और इसके ₹8,000 करोड़ के उद्योग के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाएगा।
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