सिगरेट पर 'डबल अटैक': टैक्स का असर
सरकार ने 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिसका सीधा असर ITC के शेयर पर पड़ रहा है। इस फैसले के बाद से शेयर में करीब 15-20% की गिरावट आई है और कंपनी का मार्केट कैप (Market Capitalization) लगभग ₹1 लाख करोड़ तक घट गया है। यह बढ़ोतरी ₹2,050 से ₹8,500 प्रति हजार स्टिक्स तक है, साथ ही 40% GST भी लागू है। विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट फंडामेंटल कमजोरी नहीं, बल्कि पॉलिसी (Policy) का नतीजा है। भारतीय बाजार कीमतों के प्रति संवेदनशील है, इसलिए मांग में कमी (Demand Destruction) का खतरा बढ़ गया है।
नतीजों में बिक्री अच्छी, पर मार्जिन पर दबाव
अगर तिमाही नतीजों (Q3 FY26) की बात करें, तो ITC के सिगरेट सेगमेंट की ग्रॉस सेल्स (Gross Sales) में 8% का सालाना इजाफा हुआ, जो अनुमान से बेहतर है। वॉल्यूम (Volume) में भी लगभग 6.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, मार्जिन (Margin) पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। सिगरेट EBIT मार्जिन 140 बेसिस पॉइंट्स घटकर 56.7% पर आ गया। इसकी मुख्य वजह तंबाकू की बढ़ती कीमतें (Leaf Tobacco Prices) हैं। EBIT में 5.7% की मामूली बढ़ोतरी हुई, जो ब्रोकरेज के अनुमान से कम है।
ब्रोकरेज की राय और भविष्य का अनुमान
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने ITC पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹365 रखा है। यह valuation 21x दिसंबर 2027 के अनुमानित अर्निंग्स (Earnings) पर आधारित है। वहीं, Systematix ब्रोकरेज ने 'Hold' रेटिंग देते हुए टारगेट प्राइस ₹355 किया है। उन्होंने FY26/FY27/FY28 के लिए रेवेन्यू (Revenue) और EPS अनुमानों को भी घटाया है।
बाजार की चाल और कंपनी की स्थिति
बाजार की प्रतिक्रिया को देखें तो 2 फरवरी 2026 तक शेयर ₹303-₹309 के दायरे में कारोबार कर रहा था। कंपनी का मार्केट कैप (Market Capitalization) लगभग ₹3.87 लाख करोड़ है। ITC का P/E Ratio (Price-to-Earnings Ratio) TTM (Trailing Twelve Months) बेसिस पर 11x से 19x के बीच रहा है। कंपनी का सिगरेट मार्केट में करीब 80% का दबदबा है, लेकिन बढ़ती लागत और टैक्स का असर भविष्य में वॉल्यूम और मार्जिन पर दिख सकता है। ITC का मुकाबला Godfrey Phillips India, VST Industries जैसे दिग्गजों से है, साथ ही FMCG सेक्टर में Hindustan Unilever और Nestlé जैसे बड़े नाम भी हैं।
डायवर्सिफिकेशन (Diversification) की ओर ITC
इन चुनौतियों के बीच, ITC अपने FMCG पोर्टफोलियो को भी मजबूत कर रहा है। हाल ही में ITC Sunbean ने नए कॉफी कैप्सूल लॉन्च किए हैं, साथ ही फ्रोजन फूड्स (Frozen Foods) और ITCMAARS के तहत क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर (Climate-smart agriculture) जैसी पहलों पर भी काम चल रहा है। ये कदम सिगरेट बिजनेस पर निर्भरता कम करने और अन्य ग्रोथ एरियाज (Growth Areas) का फायदा उठाने के लिए उठाए जा रहे हैं।