ITC शेयर में बहार! **5.6%** की तूफानी तेजी, ब्रोकरेज को दिख रहा ₹375 का लेवल?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ITC शेयर में बहार! **5.6%** की तूफानी तेजी, ब्रोकरेज को दिख रहा ₹375 का लेवल?
Overview

6 फरवरी 2026 को ITC के शेयर **5.6%** की शानदार तेजी के साथ ₹327.70 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। यह पिछले महीने **20%** की भारी गिरावट के बाद वॉल्यूम के साथ आई एक बड़ी रिकवरी है।

जनवरी में नए टोबैको टैक्स के कारण भारी गिरावट झेलने के बाद, ITC और Godfrey Phillips जैसी कंपनियों के शेयरों में आज जोरदार वापसी देखी गई। खास तौर पर ITC के शेयरों में 5.6% का उछाल आया, जो ₹327.70 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा।

यह तेजी भारी वॉल्यूम के साथ आई, जिसमें 4.5 करोड़ से ज्यादा शेयर ट्रेड हुए। इस रिकवरी के पीछे एक बड़ा कारण है एनालिस्ट्स का भरोसा। Equinomics Research के फाउंडर G Chokkalingam का मानना है कि ITC के शेयर को 'जितना गिराया जाना चाहिए था, उससे भी ज्यादा गिरा दिया गया है'। उनका मानना है कि कंपनी का सही वैल्यूएशन ₹375-₹380 के बीच है।

Chokkalingam ने यह टारगेट कंपनी के अलग-अलग बिज़नेस सेगमेंट्स के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक मल्टीपल्स लगाकर निकाला है। FMCG बिज़नेस के लिए 15-17x P/E, सिगरेट बिज़नेस के लिए 14-15x P/E, और IT आर्म के लिए 2.5x एनुअल सेल्स का इस्तेमाल किया गया है। ITC का 20-दिन का मूविंग एवरेज (20-DMA) ₹321.50 है, और एक महीने से ज्यादा समय बाद पहली बार शेयर का इस लेवल से ऊपर ट्रेड करना शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में बदलाव का संकेत दे रहा है।

ITC के साथ-साथ, टोबैको सेक्टर की ही एक और कंपनी Godfrey Phillips India के शेयरों में भी 12% से ज्यादा की इंट्रा-डे तेजी देखी गई। यह सेक्टर-वाइड रिकवरी, 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर लगे 40% GST के असर को सोखने की कोशिश को दिखाती है। हालांकि, इन टैक्स हाइक्स के लॉन्ग-टर्म असर को लेकर अभी भी कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। Chokkalingam का सुझाव है कि ऊंची कीमतों के कारण सिगरेट वॉल्यूम में जो गिरावट आती है, वह आमतौर पर 6-12 महीने में रिकवर हो जाती है, लेकिन कंज्यूमर का असली रिएक्शन देखना बाकी है।

अगर ITC और Godfrey Phillips की तुलना करें, तो ITC का वैल्यूएशन प्रोफाइल ज्यादा आकर्षक लगता है। ITC का P/E रेशियो 18.3-20.3 के आसपास है, जो Godfrey Phillips के 24.8-30.45 P/E रेंज से काफी कम है। ITC का मार्केट कैप भी लगभग ₹4 लाख करोड़ है, जो Godfrey Phillips के ₹31,584 Cr - ₹34,199 Cr के मुकाबले बहुत बड़ा है। ITC बेहतर डिविडेंड यील्ड भी दे रहा है, लगभग 4.45%-4.63%, जबकि Godfrey Phillips का यील्ड 1.46%-1.82% है।

ऑपरेशनल एफिशिएंसी के मामले में भी ITC बेहतर है। ROCE 36.8% और ROE 27.3% है, जो Godfrey Phillips के ROCE 26.3% और ROE 19.9% से बेहतर हैं। इस बीच, Nifty FMCG इंडेक्स में 1.7% का उछाल देखा गया, जो सेक्टर की स्ट्रेंथ दिखाता है, जबकि ब्रॉडर मार्केट (Sensex और Nifty) में हल्की गिरावट थी।

हालांकि, 5 फरवरी 2026 की मार्केट इंटेलिजेंस के अनुसार, ITC के लिए कंसेंसस प्राइस टारगेट लगभग ₹310 था, जो Chokkalingam के बुलिश आउटलुक से काफी अलग है। कुल मिलाकर, ITC और Godfrey Phillips की यह रिकवरी जनवरी की गिरावट से उबरने का एक अहम प्रयास है। लेकिन, इस तेजी की सस्टेनेबिलिटी (sustainability) आने वाले क्वार्टर्स में टैक्स बढ़ोतरी के बाद कंज्यूमर बिहेवियर पर निर्भर करेगी। एनालिस्ट्स के अलग-अलग टारगेट्स यह भी दिखाते हैं कि अभी बाजार में इस शेयर को लेकर राय बंटी हुई है।

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