ITC के शेयरों में सोमवार को **2.72%** की बढ़त देखी गई। यह उछाल एनालिस्ट्स की तरफ से मिले अपग्रेड के बाद आया है, जिन्होंने कंपनी के सिगरेट वॉल्यूम में उम्मीद से बेहतर ग्रोथ का अनुमान जताया है। मुश्किल पहली तिमाही के बावजूद, एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिमांड पर टैक्स का असर उतना बुरा नहीं है जितना सोचा गया था।
वॉल्यूम में मजबूती और एनालिस्ट्स का नज़रिया
ITC में बाजार की दिलचस्पी फिर से लौटती दिख रही है, जो ब्रोकरेज फर्म्स जैसे Nomura और Jefferies की तरफ से हालिया अपग्रेड के कारण है। एनालिस्ट्स ने पाया कि पहली तिमाही में सिगरेट वॉल्यूम में सालाना आधार पर करीब 5% की गिरावट आई। हालांकि, यह गिरावट मार्केट की 10% की गिरावट की आशंका से काफी बेहतर है। इससे पता चलता है कि हालिया प्राइस हाइक के बाद भी कंपनी के ग्राहकों में पहले के अनुमान से ज़्यादा स्थिरता है।
टैक्स बढ़ोतरी का मुनाफे पर असर
कंपनी के हालिया नतीजों पर सिगरेट पर टैक्स में हुई भारी बढ़ोतरी का असर साफ दिखा। इस वजह से सेगमेंट के नेट रेवेन्यू में 25% की गिरावट आई, जबकि सेगमेंट EBIT में सालाना आधार पर 35% की कमी आई। इस दबाव से निपटने के लिए ITC धीरे-धीरे प्राइस एडजस्टमेंट कर रही है और 30 से ज़्यादा नए प्रोडक्ट वेरिएंट भी लॉन्च किए हैं। ये कदम इल्लीगल ट्रेड के मुकाबले अपनी मार्केट शेयर बचाने और प्रॉफिटेबिलिटी वापस लाने के लिए उठाए जा रहे हैं। फाइनेंशियल एनालिस्ट्स कंपनी की प्रगति पर नज़र रखे हुए हैं, और कई उम्मीद कर रहे हैं कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की चौथी तिमाही तक प्रति स्टिक EBIT टैक्स बढ़ोतरी से पहले वाले स्तर पर लौट आएगा।
डायवर्सिफाइड सेगमेंट्स में प्रदर्शन
सिगरेट बिजनेस के अलावा, ITC की ग्रोथ स्ट्रेटेजी नॉन-सिगरेट FMCG सेगमेंट पर टिकी है, जिसमें 12% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की गई। इसके अलावा, कंपनी के पेपर सेगमेंट ने भी इस तिमाही में सहारा दिया, जिसमें EBIT में 38% का उछाल आया। ये डायवर्सिफाइड रेवेन्यू सोर्स कंपनी के लिए और भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं, क्योंकि यह अपने मुख्य बिजनेस में उतार-चढ़ाव से निपट रही है। जहां Nomura और Jefferies जैसी फर्म्स ने 'Buy' रेटिंग के साथ उम्मीद जताई है, वहीं JPMorgan और Macquarie जैसी संस्थाएं अभी भी न्यूट्रल बनी हुई हैं। वे इस बात को लेकर अनिश्चितता जता रही हैं कि सिगरेट अर्निंग्स कितनी जल्दी पिछले ग्रोथ लेवल पर वापस आ पाएंगी।
निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी ग्राहकों पर कॉस्ट को कितनी सफलतापूर्वक पास कर पाती है, बिना वॉल्यूम में और गिरावट लाए। आने वाली तिमाहियों के लिए अहम फैक्टर्स में नए प्रोडक्ट लॉन्च की सफलता और यह क्षमता शामिल होगी कि कंपनी टोबैको बिजनेस के दबाव को कम करने के लिए अपने नॉन-सिगरेट सेगमेंट में मोमेंटम बनाए रख पाती है या नहीं।
