ITC के मुनाफे में **27%** की गिरावट, ₹3,579 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिट

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AuthorAditya Rao|Published at:
ITC के मुनाफे में **27%** की गिरावट, ₹3,579 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिट

ITC ने जून तिमाही में **27%** की गिरावट के साथ **₹3,579 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो बाजार की उम्मीदों से कम है। कंपनी का रेवेन्यू **28%** बढ़कर **₹26,943 करोड़** हो गया, लेकिन पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों और सप्लाई चेन की चुनौतियों के कारण लागतें बढ़ी हैं। निवेशक इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि क्या यह महंगाई का दबाव आगे भी बना रहेगा।

घाटे का कारण क्या बना?

ITC लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹3,579 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में यह 27% की गिरावट है और विश्लेषकों द्वारा अनुमानित ₹3,990 करोड़ से भी कम है। हालांकि, कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में 28% का मजबूत उछाल देखा गया, जो पिछले साल के ₹21,694 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹26,943 करोड़ हो गया।

सेगमेंट परफॉर्मेंस और रेवेन्यू ड्राइवर्स

कंपनी के विविध बिजनेस मॉडल ने टॉप-लाइन ग्रोथ को जारी रखा। ITC के रेवेन्यू में प्रमुख योगदान देने वाले सिगरेट सेगमेंट ने ₹15,383 करोड़ दर्ज किए। वहीं, FMCG अदर्स सेगमेंट, जिसमें स्टेपल्स और स्नैक्स शामिल हैं, ने पिछले साल के ₹6,303 करोड़ की तुलना में ₹6,481 करोड़ के रेवेन्यू के साथ स्थिर प्रदर्शन दिखाया। मैनेजमेंट ने बताया कि डेयरी, स्नैक्स और फ्रोजन फूड्स जैसी कैटेगरीज में 20% से अधिक की ग्रोथ देखी गई, जबकि पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में मिड-टीन ग्रोथ दर्ज की गई। इन सबके बावजूद, बढ़ी हुई लागतों और अप्रत्याशित ऑपरेटिंग माहौल ने कुल लाभ पर असर डाला।

भू-राजनीतिक और सप्लाई चेन की चुनौतियां

ITC ने कहा कि बाहरी कारकों ने तिमाही के दौरान उसकी प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित किया। कंपनी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों और संबंधित उत्पादों में काफी अस्थिरता आई। इन भू-राजनीतिक मुद्दों ने ट्रेड और सप्लाई चेन में बाधाएं पैदा कीं, जिससे लागतें बढ़ गईं। कंपनी ने यह भी नोट किया कि हीट वेव और LPG की उपलब्धता जैसे घरेलू कारकों ने भी प्रदर्शन को प्रभावित किया। अगले तिमाही में प्रवेश करते हुए इंपोर्टेड इन्फ्लेशन (आयातित महंगाई) एक चिंता का विषय बनी हुई है।

भविष्य के संकेत और सेक्टर के जोखिम

आगे देखते हुए, ITC ने कई जोखिमों को चिह्नित किया है जो भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी ने कहा कि मानसून में संभावित कमी, पिछले साल की तुलना में कम खरीफ बुवाई के साथ, ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, अल नीनो की स्थिति कमजोर बारिश और जारी हीट वेव का कारण बन सकती है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है। निवेशकों के लिए, मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि क्या कंपनी मांग को प्रभावित किए बिना इन बढ़ी हुई लागतों को उपभोक्ताओं पर डाल सकती है, या लाभ मार्जिन पर इन बाहरी मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों का दबाव जारी रहेगा। नतीजों के बाजार बंद होने के बाद आने के साथ ITC के शेयर ₹281 पर बंद हुए, जो 1.4% की गिरावट दर्शाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.