ITC ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें सिगरेट पर बढ़े टैक्स और एग्री-बिजनेस एक्सपोर्ट्स में गिरावट के चलते कंपनी के मुनाफे में 25% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के सिगरेट सेगमेंट पर दबाव देखा गया, वहीं FMCG बिजनेस में 15% की ग्रोथ दर्ज हुई।
सिगरेट सेगमेंट पर पड़ा सीधा असर
ITC की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों में कंपनी के नेट प्रॉफिट में 25% की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट फरवरी 2026 में सिगरेट उत्पादों पर लगाए गए एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में भारी बढ़ोतरी का सीधा नतीजा है।
कंपनी का सिगरेट डिवीजन, जो ऐतिहासिक रूप से इसके ऑपरेटिंग प्रॉफिट का 80% से अधिक योगदान देता है, इस टैक्स बढ़ोतरी से सीधे प्रभावित हुआ है। अवैध कारोबार से मुकाबला करने और बिक्री वॉल्यूम को बनाए रखने के लिए, ITC ने पूरा टैक्स बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय इसका कुछ हिस्सा खुद वहन किया। इस वजह से, सिगरेट सेगमेंट के नेट रेवेन्यू में 22% की गिरावट आई और ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 57% से घटकर इस तिमाही में 23% पर आ गया।
अन्य सेगमेंट्स में दिखी ग्रोथ
हालांकि, सिगरेट कारोबार के संघर्ष के बावजूद, ITC के अन्य बिजनेस सेगमेंट्स ने ग्रोथ के संकेत दिए हैं। फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) डिवीजन में पिछले साल की तुलना में 15% का रेवेन्यू इजाफा हुआ, जो नए प्रोडक्ट लॉन्च और डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स पर फोकस का नतीजा है। इसके अलावा, पेपरबोर्ड बिजनेस में 200 बेसिस पॉइंट से अधिक का मार्जिन विस्तार देखा गया, जिसका मुख्य कारण बेहतर प्रोडक्ट रियलाइजेशन और स्थिर डिमांड रही। ये सेगमेंट्स कंपनी के लिए सिगरेट श्रेणी पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बाहरी दबाव और बाजार का संदर्भ
कंपनी के एग्री-बिजनेस को भी इस तिमाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष थे, जिसने एक्सपोर्ट को बाधित किया। ईंधन और खाने के तेल की बढ़ी हुई लागतों ने भी कंपनी के समग्र प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाला।
पिछले एक साल में शेयर की कीमत में 30% से अधिक की गिरावट के बाद, स्टॉक वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2028 के अनुमानित आय का लगभग 17 गुना पर कारोबार कर रहा है। कंपनी 5% का डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) बनाए हुए है, जो आय-उन्मुख निवेशकों के लिए एक अहम पहलू है। भविष्य का प्रदर्शन कंपनी की प्रीमियम सिगरेट ब्रांड्स में मूल्य निर्धारण समायोजन, एग्री-बिजनेस एक्सपोर्ट को स्थिर करने और FMCG डिवीजन को लगातार बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
