ITC Share Price: मुनाफे में 73% की गिरावट, पर रेवेन्यू ने मारी लंबी छलांग! डिविडेंड का भी ऐलान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ITC Share Price: मुनाफे में 73% की गिरावट, पर रेवेन्यू ने मारी लंबी छलांग! डिविडेंड का भी ऐलान
Overview

ITC ने अपने मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें नेट प्रॉफिट में **73%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू **17%** बढ़कर **₹23,821 करोड़** पर पहुंच गया है। इस दौरान बोर्ड ने **₹8** प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी सुझाव दिया है।

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मुनाफे में 73% की भारी गिरावट

ITC लिमिटेड ने मार्च तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में 72.6% की बड़ी गिरावट आई है, जो ₹5,387 करोड़ रहा। इस गिरावट का मुख्य कारण पिछले साल की इसी तिमाही में मिले असाधारण लाभ (exceptional gains) को बताया जा रहा है।

रेवेन्यू ग्रोथ ने मारी बाजी

इसके बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹23,821 करोड़ दर्ज किया गया। सिगरेट बिजनेस का रेवेन्यू 29% उछलकर ₹11,951 करोड़ हो गया, जिसका श्रेय फरवरी में हुए एक्साइज ड्यूटी (excise duty) हाइक के बाद कीमतों में हुई बढ़ोतरी को जाता है। FMCG के 'Others' सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया, रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹6,352 करोड़ पर पहुंच गया।

डिविडेंड का ऐलान

कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए ₹14.50 प्रति शेयर के कुल डिविडेंड का प्रस्ताव दिया है। इसमें ₹8 का फाइनल डिविडेंड और ₹6.50 का इंटरिम डिविडेंड शामिल है।

प्रॉफिट कम होने की वजहें

नेट प्रॉफिट में आई यह भारी गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल की समान तिमाही में दर्ज किए गए ₹14,652 करोड़ के असाधारण लाभ के कारण है। परिचालन प्रदर्शन (operational performance) मजबूत बना रहा, जिसमें टैक्स से पहले का लाभ (profit before tax) लगभग 4.9% बढ़कर ₹7,172 करोड़ रहा।

आगे की चुनौतियां: टैक्स, लागत और अवैध व्यापार का खतरा

फरवरी 2026 में लागू हुई सिगरेट पर बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी का असर मार्जिन पर पड़ सकता है, क्योंकि कीमतों में हुई बढ़ोतरी से इसे पूरी तरह कवर करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रहे संघर्ष के कारण सप्लाई चेन में आई दिक्कतों से एडिबल ऑयल और पैकेजिंग जैसी चीजों की लागत बढ़ गई है। ITC ने आगाह किया है कि सिगरेट पर टैक्स बढ़ने से अवैध व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे किसानों, छोटे व्यापारियों और छोटे व्यवसायों को नुकसान हो सकता है। निवेशक वॉल्यूम ट्रेंड पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों का ITC पर मिला-जुला नजरिया है, जिनका औसत प्राइस टारगेट ₹359.19 है। यह कंपनी के मजबूत ब्रांड और फंडामेंटल को बदलते रेगुलेटरी माहौल के मुकाबले संतुलित करता है। 21 मई 2026 को ITC के शेयर में 0.15% की मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹308.00 पर कारोबार हुआ। कंपनी का P/E रेश्यो (TTM) 17.3 के आसपास और डिविडेंड यील्ड 4.66% है, जो इसे अन्य कंपनियों की तुलना में बेहतर स्थिति में रखता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.