ITC का बड़ा प्लान: 2035 तक FMCG मार्केट में ₹8 ट्रिलियन का लक्ष्य!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
ITC का बड़ा प्लान: 2035 तक FMCG मार्केट में ₹8 ट्रिलियन का लक्ष्य!

ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने कंपनी के FMCG बिजनेस के लिए 2035 तक **₹8 ट्रिलियन** के बड़े लक्ष्य का ऐलान किया है। यह रणनीति प्रीमियम प्रोडक्ट्स और इनोवेशन पर फोकस करेगी।

2035 तक FMCG सेक्टर में ₹8 ट्रिलियन का टारगेट

ITC अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने अपने फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेगमेंट के लिए 2035 तक ₹8 ट्रिलियन के मार्केट साइज का टारगेट रखा है। हालिया एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में चेयरमैन संजीव पुरी ने बताया कि कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स, नए लॉन्च और ग्रामीण बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर देगी। इस स्ट्रेटेजी का मकसद सिगरेट बिजनेस पर कंपनी की निर्भरता कम करना है, जो फिलहाल कुल रेवेन्यू का लगभग आधा हिस्सा है।

स्टॉक पर दबाव और फाइनेंशियल हाल

लंबे समय के विजन के बावजूद, ITC का स्टॉक 2026 में दबाव में रहा है। 30 जुलाई, 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैप $2.74 ट्रिलियन था और शेयर की कीमत $285.05 पर ट्रेड कर रही थी। यह साल की शुरुआत से अब तक 22% की गिरावट और सितंबर 2024 में अपने पीक प्राइस $528.50 से 46% की गिरावट को दर्शाता है।

FMCG सेगमेंट का भविष्य

फाइनेंशियल रूप से, FMCG-Others सेगमेंट भविष्य की ग्रोथ के लिए एक अहम हिस्सा है, जो कुल रेवेन्यू का लगभग 30% योगदान देता है। 2026 फाइनेंशियल ईयर में, इस सेगमेंट ने लगभग 10% का रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज किया, जो ₹24,200 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि यह बिजनेस हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा FMCG प्लेयर बन गया है, इसके प्रॉफिट मार्जिन कम हैं। सेगमेंट का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA मार्जिन) लगभग 11% है, जो कई बड़े FMCG कंपनियों से कम है। इससे पता चलता है कि कंपनी ने स्केल हासिल कर लिया है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या FMCG एक्सपेंशन आखिरकार सिगरेट बिजनेस की स्थिर लेकिन धीमी ग्रोथ को पार कर पाएगा। ब्रोकरेज फर्मों के एनालिस्ट्स का कहना है कि ITC अभी भी एक डिफेंसिव होल्डिंग है, क्योंकि कंपनी लगातार डिविडेंड (Dividend) देती रही है और अच्छा कैश फ्लो जनरेट करती है। हालांकि, उनका मानना है कि स्टॉक के वैल्यूएशन में बड़ा बदलाव तभी संभव है जब कंपनी FMCG डिवीजन में लगातार मार्जिन बढ़ा पाए और सिगरेट सेगमेंट में स्थिरता बनाए रखे।

मुख्य चुनौती एग्जीक्यूशन में है। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ने के लिए लगातार कैपिटल खर्च और इफेक्टिव ब्रांड बिल्डिंग की जरूरत होगी। निवेशक तिमाही नतीजों पर नजर रखेंगे कि क्या मार्जिन में लगातार सुधार हो रहा है और FMCG सेगमेंट एफिशिएंट बन रहा है। 2035 तक का सफर इस बात से मापा जाएगा कि कंपनी इन नए निवेशों को अपने ओवरऑल कैश फ्लो या रिटर्न ऑन इक्विटी पर दबाव डाले बिना कितनी प्रभावी ढंग से संतुलित कर पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.