ITC Share Price: टैक्स का डबल अटैक! बढ़ेंगी कीमतें, घट सकता है मुनाफा, ब्रोकरेज चिंतित

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
ITC Share Price: टैक्स का डबल अटैक! बढ़ेंगी कीमतें, घट सकता है मुनाफा, ब्रोकरेज चिंतित
Overview

ITC के निवेशकों के लिए चिंता की खबर है। फरवरी 2026 से सिगरेट पर लागू होने वाले टैक्स में बड़ी बढ़ोतरी के चलते कंपनी के मुनाफे पर दबाव आ सकता है।

सिगरेट पर टैक्स का बड़ा बोझ, ITC की रणनीति पर सवाल

फरवरी 2026 से सिगरेट पर लगने वाले अप्रत्यक्ष टैक्स (indirect taxes) में भारी बढ़ोतरी के कारण ITC Ltd. एक मुश्किल स्थिति में फंस गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए कंपनी को कीमतों में काफी बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है, ताकि प्रति सिगरेट EBIT (Earnings Before Interest and Taxes) का नुकसान पूरा किया जा सके। फॉरेन ब्रोकरेज CLSA का अनुमान है कि ITC को EBIT को स्थिर रखने के लिए कीमतों में करीब 33% की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।

हालांकि, Kotak Institutional Equities का मानना है कि ITC वॉल्यूम (volume) को बनाए रखने के लिए कीमतों में कम यानी करीब 25% की बढ़ोतरी कर सकती है। यह रणनीति कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन एनालिस्ट्स के मुताबिक, इससे सिगरेट डिविजन का EBIT फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27) में 30% से 33% तक घट सकता है।

ब्रोकरेज की मिली-जुली राय और बढ़ता कॉम्पिटिशन

CLSA ने ITC पर 'Outperform' की रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन अपने टारगेट प्राइस (target price) को 24% घटाकर ₹367 कर दिया है। वहीं, Kotak Institutional Equities ने 'Reduce' रेटिंग और ₹338 का टारगेट दिया है।

यह स्थिति इसलिए और गंभीर हो जाती है क्योंकि मार्केट में कॉम्पिटिशन (competition) बढ़ रहा है। ITC, Godfrey Phillips India जैसी कंपनियों की कीमतों पर बारीकी से नजर रख रही है और सीधे तौर पर उनकी कीमतों से मेल खाने में हिचकिचा रही है। इससे प्रीमियम सेगमेंट में मार्केट शेयर (market share) खोने का खतरा बढ़ गया है।

पिछला अनुभव और नई टैक्स व्यवस्था

ITC की यह रणनीति 2014 से 2016 के दौरान के अपने अनुभव से प्रेरित हो सकती है। तब एक्साइज ड्यूटी (excise duty) में बढ़ोतरी के बाद कंपनी ने कीमतों में 15% तक की बढ़ोतरी की थी, जिसके चलते वॉल्यूम में 15% से ज्यादा की गिरावट आई थी। नया टैक्स रिजीम (tax regime) सिगरेट पर 40% GST के साथ-साथ अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और हेल्थ सेस (cess) भी लगाएगा।

वैल्यूएशन और स्टॉक पर दबाव

फिलहाल, ITC का P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो करीब 20.01x है, जबकि Godfrey Phillips India का 32.94 और VST Industries का 17.83 है। यह दिखाता है कि ITC अपने कुछ प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में डिस्काउंट (discount) पर ट्रेड कर रहा है, लेकिन मार्केट सिगरेट बिजनेस की चुनौतियों को पहले से ही प्राइस-इन (price in) कर रहा है।

ITC के शेयर में इस साल अब तक 11% और पिछले साल में 18-20% की गिरावट आ चुकी है। MarketsMOJO ने 9 फरवरी, 2026 को स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दी थी।

आगे का रास्ता

CLSA को उम्मीद है कि अगर टैक्स में कोई और बढ़ोतरी नहीं होती है, तो FY28 तक हालात सुधर सकते हैं। कुल 39 एनालिस्ट्स में से 15 'Buy', 9 'Sell' और 15 'Hold' की सलाह दे रहे हैं। कुछ एनालिस्ट्स को लंबी अवधि में अर्बन रिकवरी (urban recovery), होटल बिजनेस में सुधार और FMCG विस्तार से उम्मीद है, जबकि अन्य रेगुलेटरी अनिश्चितताओं (regulatory uncertainties) को लेकर सतर्क हैं। लगभग 19 हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, औसत टारगेट प्राइस ₹433 के आसपास है, जो मौजूदा स्तरों से 30% से ज्यादा का अपसाइड (upside) दिखा सकता है।

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