ITC Hotels Target Price: ICICI Securities ने बढ़ाई लक्ष्य कीमत, ₹235 तक जा सकता है शेयर!

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AuthorMehul Desai|Published at:
ITC Hotels Target Price: ICICI Securities ने बढ़ाई लक्ष्य कीमत, ₹235 तक जा सकता है शेयर!

ICICI Securities ने ITC Hotels के लिए अपना लक्ष्य मूल्य (Target Price) बढ़ाकर ₹235 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म कंपनी की मजबूत विस्तार योजनाओं और बढ़ती मैनेजमेंट फीस को देखते हुए यह उम्मीद कर रही है कि 2029 तक रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जो नए होटल लॉन्च से प्रेरित होगी।

ICICI Securities की नई राय

ICICI Securities ने ITC Hotels पर अपनी रिपोर्ट में लक्ष्य कीमत को ₹229 से बढ़ाकर ₹235 प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने अपने वैल्यूएशन मॉडल में बदलाव किया है और अब वे मार्च 2028 की अनुमानित कमाई के आधार पर आगे की ओर देखने वाले मल्टीपल (forward-looking multiple) का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह कदम कंपनी की होटल पोर्टफोलियो को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की क्षमता में विश्वास को दर्शाता है।

रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ का अनुमान

ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि होटल बिजनेस में लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रहेगा। फाइनेंशियल ईयर 2029 तक 'रेवेन्यू पर उपलब्ध रूम' (RevPAR) में सालाना 9% की ग्रोथ का अनुमान है। यह होटल ऑपरेटरों के लिए प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण पैमाना है। इसके अलावा, मैनेजमेंट फीस में इसी अवधि के दौरान सालाना 16% की वृद्धि की उम्मीद है। कंसोलिडेटेड स्तर पर, ब्रोकरेज फर्म 2029 तक 11% रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले का मुनाफा) में 14% की ग्रोथ का अनुमान लगा रही है।

विस्तार योजनाएं और वैल्यूएशन

कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी नए होटल प्रॉपर्टीज खोलने पर केंद्रित है, जिससे इन रेवेन्यू अनुमानों को सहारा मिलने की उम्मीद है। ₹235 प्रति शेयर के वैल्यूएशन में कई प्रमुख वित्तीय कारकों को ध्यान में रखा गया है। इनमें मार्च 2028 तक ₹12.1 अरब की नेट कैश पोजीशन, कंपनी के द्वारका होटल के लिए लीज प्रीमियम और श्रीलंका में उसके रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट से ₹9.1 अरब का नेट एसेट वैल्यू शामिल है।

संभावित जोखिम (Business Risks)

हालांकि कंपनी का भविष्य सकारात्मक दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को कुछ ऐसे कारकों पर भी ध्यान देना चाहिए जो प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मैक्रोइकोनॉमिक बदलावों और ट्रैवल डिमांड में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होता है। अगर कमरों की ऑक्यूपेंसी (occupancy) या एवरेज रूम रेट्स (ARRs) उम्मीद से कम रहते हैं, तो इससे कंपनी के नतीजों पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी के डेवलपमेंट पाइपलाइन में देरी का जोखिम भी है। नए होटलों के निर्माण या लॉन्चिंग में किसी भी तरह की रुकावट से रेवेन्यू जनरेशन की उम्मीदों में देरी हो सकती है और ग्रोथ की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। विस्तार परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और ऑक्यूपेंसी लेवल को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.