ITC Hotels ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने मुनाफे में **36%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹182 करोड़** हो गया, जबकि रेवेन्यू **15%** बढ़कर **₹936 करोड़** रहा। इसी के साथ, कंपनी ने **₹155 करोड़** में अहमदाबाद के Welcomhotel को खरीदने का ऐलान भी किया है।
ITC Hotels ने दर्ज की दमदार ग्रोथ!
ITC Hotels ने 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जो भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में तेजी से रिकवरी का संकेत दे रहे हैं। कंपनी ने ₹182 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 36% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू ऑपरेशन से 15% बढ़कर ₹936 करोड़ तक पहुंच गया।
लग्जरी पोर्टफोलियो का विस्तार
अपने शानदार नतीजों के बीच, ITC Hotels ने ₹155 करोड़ में Welcomhotel Ahmedabad को खरीदने का भी एलान किया है। यह डील डेट-फ्री और कैश-फ्री बेसिस पर हुई है और इसी तिमाही में पूरी होने की उम्मीद है। इससे पहले ऑपरेटिंग सर्विसेज एग्रीमेंट के तहत चल रहे इस होटल के अधिग्रहण से ITC Hotels अहमदाबाद मार्केट में अपनी पकड़ और मजबूत करेगा। इसके अलावा, कंपनी अपने Kumarakom Resort & Spa प्रॉपर्टी का नाम बदलकर 'ITC Hotels' करेगी, जिसका रिनोवेशन के बाद Q3 FY27 में नया लॉन्च होने वाला है।
ग्रोथ और सेक्टर का मिजाज
कंपनी अपनी आक्रामक ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर आगे बढ़ रही है। इस तिमाही में 8 नए होटल पोर्टफोलियो में जोड़े गए हैं, जिससे कुल होटलों की संख्या 200 से ज्यादा और कमरों की संख्या 16,000 से अधिक हो गई है। यह विस्तार भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसमें मैनेजमेंट-लेड ग्रोथ और एसेट ओनरशिप दोनों पर फोकस किया जा रहा है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि अप्रैल 2026 में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण एयर ट्रैवल सेंटीमेंट पर थोड़ा असर पड़ा था, लेकिन मई और जून में स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। कंपनी का मानना है कि बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण ऑक्यूपेंसी रेट और एवरेज रूम प्राइस मजबूत बने हुए हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास
निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि नए एक्वायर किए गए होटलों का इंटीग्रेशन कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर आने वाली तिमाहियों में कैसा असर डालता है। जहां हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ का फायदा उठा रहा है, वहीं यह ग्लोबल ट्रैवल ट्रेंड्स और डोमेस्टिक एयर ट्रैफिक जैसे बाहरी फैक्टरों के प्रति संवेदनशील भी है। कंपनी द्वारा किए जा रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) और प्रीमियम रूम रेट्स को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखना ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी को समझने के लिए जरूरी होगा। कंपनी का मैनेज्ड पोर्टफोलियो और एसेट ओनरशिप के बीच संतुलन भी भविष्य के नतीजों के लिए एक अहम फैक्टर बना रहेगा।
