प्रमुख तंबाकू निर्माता ITC Ltd. और Godfrey Phillips India Ltd. ने 1 फरवरी 2026 को लागू हुई एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में बड़ी बढ़ोतरी के जवाब में अपने सिगरेट की कीमतों में इजाफा किया है। इस कदम का मकसद बढ़ते खर्चों को मैनेज करना और भारतीय बाजार में उपभोक्ता व्यवहार (Consumer Behaviour) में आ रहे बदलावों से निपटना है।
प्रीमियम ब्रांड्स पर बढ़ीं कीमतें
Godfrey Phillips ने 'पॉकेट मार्लबोरो' (Pocket Marlboro) की कीमत ₹70 से बढ़ाकर ₹85 कर दी है, जबकि ITC के 'गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार' (Gold Flake Superstar) की कीमत ₹70 से बढ़कर ₹79 हो गई है। ये ब्रांड्स दोनों कंपनियों की कुल बिक्री का लगभग 8-12% हिस्सा हैं, और इनका लक्ष्य ड्यूटी वृद्धि से आई लागतों को वसूल करना है। नई एक्साइज ड्यूटी ₹2,050 से ₹8,500 प्रति 1,000 स्टिक्स (sticks) के साथ 40% GST है, जिसने टैक्स का बोझ काफी बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वृद्धि 22-28% तक है, और कुछ मामलों में तो 45-50% तक। ऐतिहासिक रूप से, ऐसे टैक्स बदलावों ने बाजार में तेज प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। ITC के शेयर 10% तक गिरे थे और Godfrey Phillips के शेयरों में 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में गिरावट देखी गई थी, क्योंकि उच्च करों की आशंका थी। अप्रैल 2026 के मध्य में, 29 अप्रैल 2026 को मूल्य वृद्धि के बाद, ITC लगभग ₹310.15 और Godfrey Phillips लगभग ₹2,424.80 पर कारोबार कर रहे थे, और इन मूल्य वृद्धि ने 7% तक की तेजी को प्रेरित किया।
मार्जिन पर दबाव, बिक्री में गिरावट
दोनों कंपनियों के लिए 30% से अधिक राजस्व (Revenue) उत्पन्न करने वाली प्रीमियम किंग-साइज (King-size) सेगमेंट में बिक्री की मात्रा (Sales Volume) में 20% तक की भारी गिरावट देखी जा रही है। महाराष्ट्र के डीलरों के साथ हुई बातचीत से पता चलता है कि सिगरेट की बिक्री की मात्रा में अप्रैल में लगभग 20% की गिरावट आई है, जिसमें प्रीमियम ब्रांड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। विश्लेषकों (Analysts) का अनुमान है कि Q1 FY27 में सिगरेट के प्रॉफिट मार्जिन 800 basis points तक सिकुड़ सकते हैं, जो कि बिक्री की मात्रा में और गिरावट और उपभोक्ताओं के सस्ते विकल्पों की ओर जाने पर निर्भर करेगा। हालांकि धूम्रपान करने वालों की कुल संख्या में ज्यादा बदलाव नहीं आ सकता है, लेकिन किंग-साइज कैटेगरी में प्रति सिगरेट की कीमत लगभग ₹20 से बढ़कर ₹25-28 हो गई है। ITC, जो बाजार हिस्सेदारी का लगभग 75% हिस्सा रखता है, 'क्लासिक' और 'गोल्ड फ्लेक किंग्स' (Classic and Gold Flake Kings) जैसे प्रीमियम ब्रांडों के साथ इस चुनौती का सामना कर रहा है। Godfrey Phillips, जिसकी 10-14% हिस्सेदारी है, 'मार्लबोरो' (Marlboro) जैसे ब्रांडों के साथ इससे निपट रहा है। व्यापक भारतीय FMCG सेक्टर (Indian FMCG sector) मजबूत वृद्धि का अनुभव कर रहा है, लेकिन तंबाकू सेगमेंट अद्वितीय नियामक (Regulatory) और स्वास्थ्य दबावों का सामना कर रहा है। इनपुट लागत (Input Costs) में वृद्धि, जो वैश्विक तेल की कीमतों और मुद्रा परिवर्तनों से प्रभावित है, मार्जिन पर और दबाव डाल सकती है, जिससे Q1 FY27 में और अधिक मूल्य वृद्धि की आवश्यकता हो सकती है।
विश्लेषकों की चिंताएं और मार्केट सेंटीमेंट
कंपनियों की कीमतें बढ़ाने की क्षमता के बावजूद, महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं। Godfrey Phillips के लिए विश्लेषक सेंटीमेंट (Analyst Sentiment) बड़े पैमाने पर नकारात्मक है, जिसमें 'SELL' की सर्वसम्मति सिफारिश (Consensus Recommendation) और औसत मूल्य लक्ष्य (Price Target) 25.13% तक के संभावित नुकसान का संकेत देता है। ITC की 'Neutral' सर्वसम्मति रेटिंग (Consensus Rating) है, लेकिन कई ब्रोकरेज फर्मों ने जनवरी 2026 में स्टॉक को डाउनग्रेड (Downgrade) किया और मूल्य लक्ष्य कम कर दिए। यह भारी टैक्स बोझ के बाद आया, जिसमें विश्लेषकों ने उम्मीद से अधिक टैक्स प्रभाव और अवैध ब्रांडों (Illicit Brands) की ओर बदलाव से वॉल्यूम में संभावित नुकसान का हवाला दिया। कंपनी का P/E ratio, वर्तमान में लगभग 11-17x पर है, जो ऐतिहासिक औसत 23.8x से नीचे कारोबार कर रहा है, जो संभवतः इन लगातार चिंताओं को दर्शाता है। Godfrey Phillips के पास कम कर्ज और महत्वपूर्ण नकदी भंडार (Cash Reserves) के साथ एक मजबूत वित्तीय प्रोफाइल है, लेकिन इसे तीव्र प्रतिस्पर्धा और चुनौतीपूर्ण नियामक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। K.K. Modi परिवार के भीतर चल रहा पारिवारिक विवाद (Family Dispute) व्यापार संचालन को प्रभावित नहीं कर रहा है, लेकिन यह ध्यान देने योग्य है। उपभोक्ताओं की आदतों पर लगातार मूल्य वृद्धि का दीर्घकालिक प्रभाव और अवैध व्यापार (Illicit Trade) का बढ़ता जोखिम महत्वपूर्ण कारक हैं जो दोनों कंपनियों के लिए बाजार हिस्सेदारी और लाभप्रदता (Profitability) को कम कर सकते हैं।
वित्तीय पूर्वानुमान और निवेशक सतर्कता
Q4 FY2026 के लिए, ITC के नतीजों पर सिगरेट टैक्स बढ़ोतरी का असर पड़ने की उम्मीद है। पूर्वानुमानों में मामूली राजस्व वृद्धि (Revenue Growth) लेकिन कर-पश्चात लाभ (Profit After Tax) में गिरावट का अनुमान है। हालांकि ITC का निचला P/E ratio एक वैल्यू ऑपर्च्युनिटी (Value Opportunity) का संकेत दे सकता है, 'Neutral' विश्लेषक सहमति और टैक्स बढ़ोतरी के बाद पिछली मूल्य गिरावट सावधानी बरतने का आह्वान करती है। ब्रोकरेज रिपोर्टों से पता चलता है कि मूल्य वृद्धि का उद्देश्य ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) में गिरावट को लगभग 2% तक सीमित करना है, जो शुरुआती 8-15% की अपेक्षाओं से एक उल्लेखनीय सुधार है। हालांकि, महत्वपूर्ण वॉल्यूम नुकसान के बिना इन मूल्य वृद्धि को उपभोक्ताओं पर डालने की क्षमता स्थायी लाभप्रदता के लिए महत्वपूर्ण होगी। निवेशक बारीकी से देख रहे हैं कि ये मूल्य परिवर्तन प्रीमियम सिगरेट बाजार में मांग और लाभप्रदता को कैसे प्रभावित करेंगे।