टैक्स के झटके और शेयर में गिरावट
1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में एक बड़े इजाफे की घोषणा ने ITC के शेयरों को भारी दबाव में डाल दिया है। पिछले एक दशक में यह सबसे आक्रामक टैक्स बढ़ोतरी बताई जा रही है, जिसके चलते कंपनी के शेयर मल्टी-ईयर लो पर पहुंच गए और कई ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग कम कर दी। इस खबर के बाद ITC का मार्केट कैप करोड़ों रुपए घट गया। विश्लेषकों का मानना है कि इस टैक्स बढ़ोतरी से कीमतों में इजाफा हो सकता है, जिससे वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है और मार्जिन पर भी दबाव आ सकता है। साथ ही, भारत में सिगरेट मार्केट में अवैध व्यापार (illicit trade) को बढ़ावा मिलने की भी आशंका है, जो पहले से ही एक बड़ी चुनौती है।
Q3FY26 में कंपनी का प्रदर्शन
टैक्स के इन झटकों के बावजूद, ITC ने Q3FY26 में अपने तिमाही नतीजों में स्थिरता दिखाई है। कंपनी के सिगरेट बिजनेस ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसमें प्रीमियम प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ी है। हालांकि, टोबैको लीफ की बढ़ती लागत के कारण EBITDA मार्जिन में थोड़ी कमी देखी गई। कंपनी के लिए बड़ी राहत की बात यह रही कि उसके FMCG सेगमेंट ने मजबूत डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। यह ग्रोथ जीएसटी दरों में कटौती (जैसे नोटबुक, नूडल्स, जूस) और ग्रामीण मांग में सुधार से बढ़ी है। FMCG में मार्जिन बढ़ने के पीछे कमोडिटी की कीमतें कम होना, लागत में कटौती और प्रीमियम उत्पादों का बढ़ता योगदान जैसे कारण रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹4,931.19 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में लगभग स्थिर है। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹21,706.64 करोड़ दर्ज किया गया।
बाजार में ITC के प्रतिस्पर्धी
ITC अपने विभिन्न कारोबारों में एक कड़े मुकाबले वाले बाजार में काम करती है। सिगरेट सेगमेंट में इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी Godfrey Phillips India और VST Industries हैं। वहीं, FMCG सेक्टर में Hindustan Unilever Ltd. (HUL), Procter & Gamble (P&G), Nestle, Dabur और Marico जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। भारतीय FMCG सेक्टर के 2026 तक 6-8% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो शहरी मांग में सुधार और ग्रामीण खपत से प्रेरित होगा।
भविष्य की राह और वैल्यूएशन
टैक्स से जुड़ी अनिश्चितताओं के बावजूद, विश्लेषक ITC के विविध बिजनेस मॉडल को लेकर लंबी अवधि के लिए आशावादी हैं। FMCG पोर्टफोलियो में किए गए रणनीतिक निवेश से कंपनी को बड़े पैमाने पर संचालन और लाभप्रदता में वृद्धि की उम्मीद है। शेयर अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, जिसका प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो करीब 19.7 गुना है। इसके अलावा, ITC एक स्थिर आय का स्रोत भी प्रदान करता है, जिसका डिविडेंड यील्ड लगभग 4.50% है। कंपनी ने FY26 के लिए प्रति शेयर ₹6.50 का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है। यह विविधीकरण, परिचालन स्थिरता, आकर्षक वैल्यूएशन और लगातार डिविडेंड भुगतान का संयोजन ITC के लिए एक मजबूत लंबी अवधि के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।